सीतारमण प्रशिक्षित अर्थशास्त्री नहीं, उनके पास कोई मौलिक विचार नहीं: तृणमूल कांग्रेस
सुरेश अविनाश
- 25 Jul 2024, 09:46 PM
- Updated: 09:46 PM
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने 2024-25 के केंद्रीय बजट को ‘कॉपी-पेस्ट’ और ‘एबी’ (आंध्र प्रदेश-बिहार) बजट बताते हुए लोकसभा में बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोई ‘‘प्रशिक्षित अर्थशास्त्री’’ नहीं हैं। इसके साथ ही पार्टी ने दावा किया कि वित्त मंत्री प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त नोट के आधार पर बजट बनाती हैं, क्योंकि उनके पास ‘‘अपने मौलिक विचार नहीं हैं’’।
तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय ने केंद्रीय बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि 2024-25 का बजट आम आदमी के लिए नहीं है, बल्कि यह "आंध्र-बिहार" बजट है।
राय ने कहा, ‘‘मैं वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) से डॉ. मनमोहन सिंह जैसी उम्मीद नहीं करता, (क्योंकि) वह ऑक्सफोर्ड से पीएचडी नहीं हैं, यहां तक कि (वित्त मंत्री) चिदंबरम जैसी भी नहीं हैं, जिन्होंने हार्वर्ड से प्रबंधन की डिग्री हासिल की है। वह हमारे अपने जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) से हैं, लेकिन समस्या यह है कि उनके पास नये विचार नहीं हैं, यही वजह है कि यह बजट बहुत नीरस लग रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बजट के लिए सभी नोट पीएमओ से आए हैं, उनके पास कोई मौलिक विचार नहीं है...।’’
पश्चिम बंगाल के दमदम निर्वाचन क्षेत्र से चार बार के सांसद राय ने कहा, ‘‘आप (सीतारमण) सात साल से मंत्री हैं... आप प्रशिक्षित अर्थशास्त्री नहीं हैं, आप इस मामले में भाग्यशाली हैं....।’’
इस पर सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने उनकी इस बात का विरोध किया।
इस पर राय ने कहा, ‘‘इसमें गलत क्या है? वह प्रशिक्षित अर्थशास्त्री नहीं हैं। वह मनमोहन नहीं हैं, वह चिदंबरम नहीं हैं, वह अनंत नागेश्वरन भी नहीं हैं...।"
तृणमूल सांसद ने कहा कि घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण की पेशकश करने को लेकर केंद्र द्वारा घोषित योजना पश्चिम बंगाल में पहले से ही पेश की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘बिल्कुल वही योजना, 10 लाख रुपये की वही (समान) राशि... यह आम आदमी का बजट नहीं है। यह 'आंध्र-बिहार' बजट है।’’
राय ने कहा कि वह बजट को लेकर सरकार के खिलाफ पार्टी सदस्य अभिषेक बनर्जी के आरोपों से सहमत हैं।
उन्होंने कहा कि बनर्जी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना और आवासीय योजना के तहत पश्चिम बंगाल को राशि आवंटित नहीं किये जाने के जो आरोप लगाये हैं, वो बिल्कुल सही हैं।
राय ने कहा कि सत्तापक्ष के सदस्य केंद्रीय बजट को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बजट बताकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन यह क्रांतिकारी बजट नहीं, बल्कि ‘एबी बजट’ अर्थात आंध्र प्रदेश एवं बिहार बजट है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस साल का बजट ‘कॉपी-पेस्ट’ बजट भी है, जिसमें कांग्रेस के न्याय पत्र से योजनाओं को कॉपी-पेस्ट किया गया है, साथ ही शिक्षा योजना के संदर्भ में पश्चिम बंगाल की नकल की गयी है।
राय ने चुनावी बॉण्ड के जरिये भारतीय जनता पार्टी को मिले चंदे का जिक्र भी किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को 50 प्रतिशत चुनावी बॉण्ड हासिल हुए हैं।
तृणमूल कांग्रेस सदस्य ने कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण बेरोजगारी बढ़ने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने एक अध्ययन के हवाले से यह भी कहा कि देश में महंगाई की समस्या बेतहाशा बढ़ रही है, जिससे देश की आबादी का बड़ा हिस्सा प्रभावित है।
उन्होंने निजी निवेश और कामगारों की कमी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार ने बजट में इसे लेकर कोई जरूरी उपाय नहीं किये हैं।
उन्होंने रेलवे, विमानन क्षेत्र, जहाजरानी और उच्च एवं स्कूली शिक्षा के बजट में कटौती के लिए सरकार की आलोचना की।
भाषा सुरेश