उत्तर बंगाल को डोनर मंत्रालय में शामिल करने के प्रस्ताव पर तृणमूल और भाजपा सांसदों में नोकझोंक
जितेंद्र खारी
- 25 Jul 2024, 09:37 PM
- Updated: 09:37 PM
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार द्वारा उत्तर पश्चिम बंगाल को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) में अंतर्गत शामिल करने का प्रस्ताव रखने की बात कहे जाने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसदों ने इसे अलगाववादी कदम करार दिया और कहा कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने मजूमदार के इस प्रस्ताव का बचाव किया।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख मजूमदार ने बुधवार को कहा था कि उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए उत्तर पश्चिम बंगाल को डोनर मंत्रालय के अंतर्गत शामिल करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया है।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री ने बुधवार को एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और प्रस्ताव दिया कि पश्चिम बंगाल का हिस्सा होते हुए भी उत्तर बंगाल पूर्वोत्तर के साथ समानताएं साझा करता है इसलिए इसे मंत्रालय के तहत पूर्वोत्तर में शामिल किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर तृणमूल नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि बंगाल ‘‘कभी विभाजित नहीं होगा’’।
बंद्योपाध्याय ने कहा, “बंगाल कभी विभाजित नहीं होगा। बहुत पहले, गोरखालैंड की मांग उठी थी...तब पश्चिम बंगाल के लोगों ने इसका विरोध किया था।’’
उन्होंने कहा, “सुकांत मजूमदार को याद रखना चाहिए कि बंगाल के लोग ऐसी मांग बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर वे इस तरह से बात करेंगे तो जिस तरह से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस शून्य हो गए ठीक उसी तरह बंगाल में भाजपा भी शून्य हो जाएगी।”
आसनसोल से तृणमूल सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि भाजपा के पास इस तरह के फैसले को लागू करने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है।
सिन्हा ने कहा, “यह सिर्फ बात बनाने के लिए है। उनके पास न तो क्षमता है और न ही दूरदर्शिता। कल वे कहने लगेंगे कि हम आंध्र या तमिलनाडु को विभाजित करेंगे।”
उन्होंने कहा, “जब उनके पास 303 (लोकसभा में सांसद) थे, तब वे ऐसा नहीं कर पाए। अब मोदी सरकार भी नहीं है। यह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार है। उनके पास 240 सांसद हैं (और) विपक्ष के पास भी लगभग इतना ही संख्या बल है।”
वहीं भाजपा सांसद अनंत महाराज ने मजूमदार के प्रस्ताव पर सहमति जताई।
महाराज ने कहा, “वह (मजूमदार) सही हैं। उत्तर बंगाल को पूर्वोत्तर क्षेत्र में शामिल किया जाना चाहिए।”
उत्तर बंगाल को ग्रेटर कूचबिहार भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा, “यह पश्चिम बंगाल को विभाजित करने के बारे में नहीं है। उत्तर बंगाल कभी पश्चिम बंगाल था ही नहीं।”
महाराज ने कहा, “इसे पश्चिम बंगाल में मिला दिया गया। यह एक असंवैधानिक कदम था... इसे फिर से स्थापित किया जाना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके ग्रेटर कूचबिहार को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाना चाहिए।’’
भाषा जितेंद्र