कर्नाटक में भूस्खलन वाले स्थल पर जमीन में दबी वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम ड्रोन की तैनाती
अमित प्रशांत
- 25 Jul 2024, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम, 25 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के शिरूर गांव में भूस्खलन स्थल पर बचाव दल ने केरल के लापता लॉरी चालक को खोजने में मदद के लिए बृहस्पतिवार को जमीन में दबी वस्तुओं का पता लगाने की क्षमता युक्त एक ड्रोन प्रणाली को तैनात किया है।
यह प्रणाली नोएडा स्थित क्विक पे प्राइवेट लिमिटेड की साझेदार कंपनी इनवर्क टेक्नोलॉजीज ने विकसित की है। यह प्रणाली कथित तौर पर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी काम कर सकती है और मिट्टी और पानी में 30 मीटर की गहराई तक दबी हुई वस्तुओं जैसे हथियारों के भंडार, बारूदी सुरंगों, शव और अन्य वस्तुओं का पता लगा सकती है।
उत्तर कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक एम. नारायण ने पुष्टि की कि क्विक पे के संचालन सलाहकार सेवानिवृत्त मेजर जनरल इंद्रबालन वर्तमान में टीम की सहायता कर रहे हैं। नारायण ने कहा, "सेना की राफ्टिंग टीम ने उपकरणों तथा उच्च सकारात्मक रीडिंग के साथ स्थान की पुष्टि की है। रडार खोज समाप्त होने के बाद, सेना के गोताखोर मानव शरीर की तलाश में नदी में जाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि 25 जुलाई की सुबह, कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) पुणे द्वारा प्रदान किए गए एबिंगर फेरोमैग्नेटिक लोकेटर ने री-रन के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों की पहचान की।
नारायण ने कहा, "अब चुनौती यह है कि हमें यह पहचानना है कि तीनों में से कौन सा केबिन है। यह गोताखोरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है। हमारा पूरा प्रयास तीन स्थानों में से लॉरी केबिन का पता लगाना है, ताकि गोताखोरों को उनकी कार्ययोजना पर निर्णय लेने का एक बिंदु मिल सके।"
सोलह जुलाई को भूस्खलन के दौरान अर्जुन लकड़ी से लदी लॉरी को कोझिकोड ले जा रहा था। वह पिछले 10 दिनों से लापता है और माना जा रहा है कि उसकी मौत हो गई है।
इस बीच, घटनास्थल पर मौजूद केरल के विधायकों ने कर्नाटक पर दबाव डालते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अर्जुन का पता लगाने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
भूस्खलन स्थल पर अभियान की निगरानी कर रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के विधायक सचिन देव और लिंटो जोसेफ तथा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के विधायक ए.के.एम. अशरफ ने संवाददाताओं को बताया कि गोताखोरों की टीम के पानी में उतरने और अर्जुन की तलाश करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जोसेफ ने कहा कि वे नदी के तल को साफ करने के लिए अभी बूम एक्सकेवेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं और जल्द ही एक और मशीन आने की उम्मीद है। अशरफ ने कहा कि पानी का बहाव और मौसम में अचानक बदलाव खोज और बचाव अभियान चलाने में आने वाली बाधाएं हैं।
देव ने कहा कि अगर विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई योजना को लागू किया जा सकता है, तो "हमें विश्वास है कि हमारा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।’’
कांग्रेस सांसद एम.के. राघवन ने भी उम्मीद जतायी कि जल्द ही अर्जुन को ढूंढ लिया जाएगा क्योंकि लॉरी का पता लगा लिया गया है।
राघवन ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अर्जुन की तलाश के लिए एनडीआरएफ, सेना और नौसेना सहित सभी एजेंसियों का इस्तेमाल किया है।
भाषा अमित