बजट से देश भर में निराशा, ओडिशा के साथ हुआ सौतेला व्यवहार: बीजद
ब्रजेन्द्र माधव
- 24 Jul 2024, 05:54 PM
- Updated: 05:54 PM
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को कहा कि आम बजट से देश भर के लोगों को निराशा हुई और जिस प्रकार से ओडिशा के साथ सौतेला व्यवहार कर उसकी उपेक्षा की गई है, उससे इस पूर्वी राज्य के लोग दुखी हैं।
आम बजट 2024-25 पर राज्यसभा में चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीजद के सुजीत कुमार ने कहा, ‘‘बजट ने देश भर के लोगों को निराश किया है। आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए तो आकर्षक घोषणाएं की गई हैं और इससे हमें कोई दिक्कत भी नहीं है लेकिन ओडिशा जैसे राज्यों के साथ सौतेला व्यव्हार किया गया। ओडिशा की जनता इससे दुखी है।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकसित भारत की बात करती है लेकिन क्या ओडिशा को विकसित किए बगैर देश विकसित हो सकता है।
कुमार ने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे क्षत्रों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का बहुत कम प्रतिशत खर्च करने पर निराशा जताई।
उन्होंने कहा कि पिछले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की प्राथमिकताओं के तौर पर ‘सप्तऋषि’ की घोषणा की थी और इस बार भी उन्होंने अपनी नौ प्राथमिकताएं गिनाई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी शिक्षा उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है जो बेहद निराशाजनक है। जीडीपी का तीन प्रतिशत भी हम शिक्षा पर खर्च नहीं कर पा रहे हैं जबकि कोठारी आयोग और नयी शिक्षा नीति में तीन प्रतिशत की सिफारिश की गई है।’’
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार भोजन और पोषण पर आवश्यक निवेश नहीं किया जा रहा है।
चीन सहित दुनिया के कुछ देशों द्वारा रक्षा क्षेत्र में भारी निवेश करने का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा कि आज भी हम जीडीपी का दो प्रतिशत भी इस क्षेत्र में खर्च नहीं करते जबकि यह कम से कम तीन प्रतिशत होना चाहिए।
कुमार ने सूक्ष्म और लघु उद्योगों को रोजगार निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम बताया और कहा कि दुर्भाग्य है कि सरकार का इस क्षेत्र पर भी जोर नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुद्रा लोन योजना के तहत राशि तो बढ़ा दी है लेकिन इसके तहत ऋण लेने में महिलाओं को होने वाली परेशानियों को दूर करने जैसी कोई बात नहीं है।
ओड़िशा के विभिन्न पर्यटन और धार्मिक आस्था के केंद्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से इनके विकास के लिए कदम उठाने की मांग की। उन्होंने तेंदु पत्ता उद्योग पर लगे 18 प्रतिशत जीएसटी को हटाने, राज्य में रेलवे का नेटवर्क विस्तार करने और कोयले की रॉयलटी संबंधी नियमों में बदलाव की मांग की।
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