बम्बई उच्च न्यायालय के भवन के लिए 10 सितंबर तक 4.39 एकड़ जमीन सौंप दी जाएगी : महाराष्ट्र सरकार
सुरेश माधव
- 15 Jul 2024, 05:46 PM
- Updated: 05:46 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सोमवार को अवगत कराया कि वह बम्बई उच्च न्यायालय के भवन निर्माण के लिए 10 सितंबर तक 4.39 एकड़ जमीन सौंप देगी।
शीर्ष अदालत बम्बई अधिवक्ता संघ (बीबीए) के अध्यक्ष नितिन ठक्कर और अन्य बार नेताओं की ओर से 29 अप्रैल को लिखे पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुए शुरू सुनवाई कर रही थी। पत्र में बम्बई उच्च न्यायालय के लिए तत्काल भवन की आवश्यकता जताई गयी थी, क्योंकि इसकी मौजूदा इमारत 150 साल पुरानी है।
न्यायालय ने इस वाद का शीर्षक ‘‘बम्बई उच्च न्यायालय का धरोहर भवन एवं उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त भूमि का आवंटन’’ दिया है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति बी आर गवई और जे बी पारदीवाला की पीठ को यह भी बताया गया कि शेष 30.46 एकड़ जमीन भी निर्धारित समय के भीतर उच्च न्यायालय को सौंप दी जाएगी।
पीठ ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशनये परिसर के निर्माण की निगरानी करने वाली न्यायाधीश समिति की एक बैठक आठ जुलाई को आहूत की थी। नौ जुलाई, 2024 को एक और बैठक हुई, जिसमें सरकारी अधिकारियों सहित सभी हितधारकों ने हिस्सा लिया।
पीठ ने यह भी कहा, ‘‘हमें सूचित किया गया है कि 10 सितंबर, 2024 तक बांद्रा-कुर्ला परिसर में 4.39 एकड़ का सन्निहित क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय को सौंप दिया जाएगा। राज्य सरकार ने शेष 30.16 एकड़ जमीन को भी चरणबद्ध तरीके से उच्च न्यायालय को सौंपने के लिए समयसीमा का संकेत दिया है।’’
शीर्ष अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि महाराष्ट्र सरकार ने डिजाइन योजना को अंतिम रूप देने के लिए आठ वास्तुकारों को छांटा है और निर्देश दिया कि उच्च न्यायालय की आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराने के लिए आठ वास्तुकारों के साथ एक बैठक आहूत की जाएगी, जिसके बाद वे राज्य सरकार के समक्ष अपनी प्रस्तुति देंगे।
सुनवाई शुरू होते ही महाराष्ट्र के महाधिवक्ता डॉ बीरेंद्र सराफ ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि राज्य सरकार 10 सितंबर तक बांद्रा-कुर्ला परिसर में 4.39 एकड़ खाली क्षेत्र का कब्जा उच्च न्यायालय को सौंप देगी।
शीर्ष अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 अगस्त तय की है।
शीर्ष अदालत को पहले सूचित किया गया था कि उच्च न्यायालय ने मुंबई के बांद्रा पूर्व में भूमि के लिए महाराष्ट्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन भूमि के कुछ हिस्से पर सरकारी आवासीय कॉलोनियां बनी हुई हैं।
भाषा सुरेश