रास दोपहर दो बजे तक स्थगित, सरकार नीट पर चर्चा को तैयार; विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा
माधव
- 23 Jul 2026, 12:52 PM
- Updated: 12:52 PM
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर जारी हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन इसके साथ कोई शर्त नहीं जोड़ी जानी चाहिए।
हालांकि, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस विषय पर चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
सत्तापक्ष के सदस्य जहां चर्चा कराने की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे, वहीं विपक्षी सदस्य शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। दोनों पक्षों की नारेबाजी के बीच सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर रीजीजू ने कहा कि सभी दलों ने नीट चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दल भी इस विषय पर चर्चा चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद उम्मीद जगी थी कि बृहस्पतिवार को चर्चा हो सकेगी, लेकिन अब कांग्रेस इसके लिए शर्त रख रही है। उन्होंने कहा कि चर्चा की अवधि और अन्य पहलुओं पर फैसला किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कोई शर्त नहीं होनी चाहिए।
रीजीजू ने कहा, ''शर्त लगाने से यह संदेह पैदा होता है कि आप चर्चा को टालना चाहते हैं।''
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस घोषणा का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित न्यायालय स्थापित करने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा, ''मैं एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि नीट परीक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाए। कोई शर्त मत रखिए और आज ही चर्चा शुरू कीजिए।''
इस पर खरगे ने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान पहले इस्तीफा दें, उसके बाद हम चर्चा के लिए तैयार हैं।''
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया और हंगामे के कारण सभापति राधाकृष्णन ने बैठक दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग के मुद्दे पर चर्चा करने और इस चर्चा पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों और इसका विरोध कर रहे सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार बाधित होती रही है।
विपक्षी दल इस सप्ताह नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया और विवाद से निपटने के तरीके को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद पिछले महीने विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन आरोपों से लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा किया गया है।
भाषा मनीषा माधव
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