सरकार का अगले पांच साल में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को 25 प्रतिशत करने का लक्ष्य
अजय
- 22 Jul 2026, 07:39 PM
- Updated: 07:39 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य पिछले 12 साल में किए गए कई सुधारों के दम पर अगले पांच वर्ष में देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को कुल कृषि उत्पादन के 25 प्रतिशत तक पहुंचाने यानी दोगुना करने का है।
खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पासवान ने जोर दिया कि यह सरकार के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और विकास के लिए आने वाले वर्षों में और सुधार किए जाएंगे।
कोका-कोला इंडिया द्वारा 'माजा' के 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पासवान ने कहा कि इस क्षेत्र में 'अपार' संभावनाएं हैं, जिनका अभी तक पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ है।
उन्होंने किसानों की जमीन के पास छोटी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया।
मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण स्तर और भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा, ''मुझे लगता है कि अभी लक्ष्य बहुत बड़ा है। मुझे लगता है कि हम लगभग 10 से 12 प्रतिशत पर हैं। लेकिन फिर, हमारा लक्ष्य है कि अगले पांच साल में हम लगभग 25 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचें।''
उन्होंने कहा कि हमारे देश के विशाल आकार को देखते हुए पूरी मूल्य श्रृंखला स्थापित करना एक बहुत बड़ा काम है।
पासवान ने कहा, ''हमने पिछले 12 वर्षों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हमने जरूरी बदलाव किए हैं, जो इस क्षेत्र में पहले नहीं थे। हमने 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी है। इसलिए, मुझे लगता है कि हम जरूरी सुधार कर रहे हैं।''
उन्होंने बताया कि मंत्रालय प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को संगठित रूप देना (पीएमएफएमई) और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना सहित विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है।
पासवान ने कहा, ''मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मेरा मंत्रालय पीएलआई योजना में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों में से एक है।''
मंत्री ने कहा कि भारत खाद्य प्रसंस्करण के जरिये वैश्विक खाद्य का मुख्य केंद्र बन सकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही इस गलत चर्चा पर चिंता जताई कि प्रसंस्कृत खाद्य खराब होता है।
पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ाने, खाने की बर्बादी कम करने और रोजगार पैदा करने में मदद मिल सकती है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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