छात्रों पर पुलिस कार्रवाई व प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद में तकरार , दोनों सदन स्थगित
माधव
- 22 Jul 2026, 05:31 PM
- Updated: 05:31 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को भी विपक्षी दलों के सदस्यों के संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया। इस वजह से लोकसभा दो बार के स्थगन के बाद वहीं राज्यसभा तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से आज भी दोनों सदनों में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।
सरकार ने कहा कि वह नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस सदस्य कल्याण बनर्जी को सदन में कुछ महिला सदस्यों से अभद्रता को लेकर चालू सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।
पूर्वाह्न 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
अध्यक्ष ओम बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद जिन मुद्दों पर नोटिस दिए गए हैं, उन सभी पर चर्चा कराई जाएगी।
सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बैठक 12 बजे फिर शुरू होने पर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ''सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।''
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सदन में बयान देना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सभी के मत आ गए हैं और दोनों पक्ष चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''सरकार ने खुले मन से कहा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।''
इस बीच विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा और अध्यक्ष ने बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब लोकसभा की बैठक शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने सदन में हंगामे के बीच कहा कि आज सांसद कल्याण बनर्जी ने कुछ महिला सदस्यों के खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां की हैं जिसकी लिखित शिकायत अध्यक्ष ओम बिरला को प्राप्त हुई है।
इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रस्ताव रखा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी, जिन्होंने महिला सांसदों के साथ अभद्रता की और दुर्व्यवहार किया, उन्हें मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किया जाए।
सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया जिसके बाद पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने बनर्जी को सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किए जाने की घोषणा की और उन्हें तत्काल सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।
विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तेन्नेटी ने बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
सदन में आज कई विपक्षी सदस्य छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध स्वरूप काले परिधान पहनकर आए थे।
उधर राज्यसभा में भी नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गतिरोध कायम रहा। सरकार ने कहा कि वह 'नीट' प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है वहीं विपक्ष इस चर्चा को नियम 267 के तहत कराने की मांग पर अड़ा रहा।
विपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधान के इस्तीफे के बाद ही इस विषय पर चर्चा हो सकती है।
पूर्वाह्न 11 बजे जब उच्च सदन की बैठक शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सिक्किम में तीस्ता नदी पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएचपीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में 20 लोगों की मौत का जिक्र किया। सदस्यों ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में कुछ क्षण का मौन रखा।
राधाकृष्णन ने स्वदेश में विकसित एवं हाइड्रोजन ईंधन से संचालित पहली रेलगाड़ी के परिचालन शुरू होने की भी जानकारी सदन को दी और इसे रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
इसके बाद विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। ।
खरगे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उन्होंने कहा कि सोमवार को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से उन्हें ''बेहद पीड़ा'' हुई है।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के अधिकतर सांसद काली शर्ट और काला कुर्ता पहनकर सदन पहुंचे। खरगे की बांह पर काले रंग की पट्टी बंधी थी।
हंगामे के बीच सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
एक बार के स्थगन के बाद जब बैठक बारह बजे पुन: शुरू हुई तब विपक्षी सदस्य प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में हंगामा करने लगे।
हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा ''यह प्रश्नकाल है। आजादी के 50 साल पूरे होने पर सदन में यह संकल्प लिया गया था कि किसी भी हालत में प्रश्नकाल और शून्यकाल चलाया जाएगा। अगर सदन अपनी बात पर कायम नहीं रहता तो जनता के बीच क्या संदेश जाएगा।''
अपनी बात का असर न होते देख हरिवंश ने एक मिनट के भीतर ही बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
दो बजे बैठक शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा।
संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक सहित हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और आसन की व्यवस्था मिलने पर चर्चा की जाएगी।
सदन के नेता जे पी नड्डा ने विपक्षी सदस्यों के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि सरकार हर अहम मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
नेता प्रतिपक्ष खरगे ने कहा कि विपक्षी सदस्य नियम 267 के तहत चर्चा चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा तब तक संभव नहीं है जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते।
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि पिछले चार दशकों में राज्यसभा में नियम 267 का इस्तेमाल दुर्लभतम मामलों में हुआ है।
द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा ने सवाल किया कि दुर्लभतम मामला क्या होता है? उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है, वह दुर्लभतम ही है।
इस दौरान सदन में हंगामा तेज हो गया और हरिवंश ने बैठक अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे उच्च सदन की बैठक शुरु होने के बाद नीट मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच आसन की अनुमति से संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ''कांग्रेस ने चर्चा की मांग की थी। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब विपक्षी कांग्रेस के सदस्य शर्त रख कर चर्चा टालने की कोशिश कर रहे हैं।''
इसी दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया और उपसभापति हरिवंश ने सदन में व्यवस्था बनते न देख बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
भाषा अविनाश माधव
माधव
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