नीट पर महाराष्ट्र में कांग्रेस का आंदोलन तेज, राहुल के विरोध का बचाव और प्रधान के इस्तीफे की मांग
नरेश
- 22 Jul 2026, 03:49 PM
- Updated: 03:49 PM
मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र कांग्रेस ने कथित नीट पेपर लीक मामले में बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की अनुमति नहीं देकर सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
मुंबई में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के अंदर और बाहर यह मुद्दा उठाकर छात्रों से किया अपना वादा पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार एक ठोस परीक्षा प्रणाली लागू नहीं करती, तब तक गांधी आंदोलन जारी रखेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गांधी ने देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया था और छात्रों से बातचीत करने तथा परीक्षा व कोचिंग प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए कोटा और देहरादून का दौरा किया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों से वादा किया था कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा और सरकार को बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने के लिए एक ठोस व्यवस्था लागू करने के लिए मजबूर किया जाएगा।
सपकाल ने कहा कि संसद को इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए और बार-बार होने वाली परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
संसद में गांधी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण ही कांग्रेस नेता ने प्रदर्शन किया। उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और उन्होंने हिंसा का सहारा नहीं लिया था।
मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन स्थल से राहुल गांधी को जबरदस्ती हटाने और उसके बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए सपकाल ने कहा, ''राहुल गांधी के साथ जो बर्ताव किया गया वह सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि देश के हर छात्र, हर माता-पिता और हर नागरिक का अपमान था।''
कांग्रेस नेता ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की और अधिकारियों पर महिलाओं समेत शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग की।
भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए सपकाल ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी देश को तानाशाही की ओर धकेल रही है जबकि कांग्रेस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों के जरिए संविधान की रक्षा करती रहेगी।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस, अपने महा विकास आघाडी के सहयोगियों शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के साथ मिलकर आने वाले दिनों में पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन को और तेज करेगी।
इससे पहले दिन में कांग्रेस ने नागपुर में प्रदर्शन किया जिसमें सुनील केदार, नागपुर इकाई के प्रमुख प्रफुल्ल गुडाधे और ग्रामीण प्रमुख अश्विन बैस जैसे नेताओं ने हिस्सा लिया।
भाषा सुरभि नरेश
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