लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पत्र में कहा, 'पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है'
वैभव
- 22 Jul 2026, 01:49 PM
- Updated: 01:49 PM
इंदौर, 22 जुलाई (भाषा) लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रेल सुविधाओं को लेकर अपने गृहनगर की कथित उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताते हुए रेलवे के एक शीर्ष अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि 'ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है।'
महाजन के एक स्थानीय सहयोगी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय को 20 जुलाई को पत्र लिखा।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल महाजन, लोकसभा में 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार इंदौर की नुमाइंदगी कर चुकी हैं।
महाजन ने दो पन्नों के पत्र में कहा, ''मैं अत्यंत खेद के साथ आपको संबोधित कर रही हूं। ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। यात्री गाड़ियां बढ़ाने के स्थान पर अन्य रेलवे जोन द्वारा दिए गए प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।''
उन्होंने पत्र में कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा जयपुर से इंदौर और पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा रीवा से इंदौर के बीच प्रस्तावित यात्री गाड़ियों के प्रस्ताव अधर में छोड़ दिए गए हैं।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2021 में उद्घाटित मेमू सेवा का जिक्र किया और कहा कि इस सेवा का रैक (आपस में जुड़े हुए रेल डिब्बों का समूह) शहर से छीन लिया गया और स्थानीय लोगों को 'दोयम दर्जे के यात्री' समझकर 'भंगार (कबाड़) में डालने लायक' ऐसे डेमू रैक चलाए जा रहे हैं जो तकनीकी खराबी के कारण कभी भी खड़े हो जाते हैं।
महाजन ने अपने पत्र में इंदौर से पुणे, पटना, गुवाहाटी, त्रिवेंद्रम और अयोध्या के लिए रेल सेवाओं की कमी तथा मौजूदा सेवाओं के विस्तार में हो रही देरी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने 'लाइन और प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं होने' को लेकर पश्चिम रेलवे के कथित तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म हैं और नजदीकी कस्बे महू में भी अतिरिक्त लाइन क्षमता और रख-रखाव की व्यवस्था उपलब्ध है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि महाप्रबंधक पाण्डेय ने इस महीने की शुरुआत में अपने दो दिवसीय दौरे में इंदौर और इसके आस-पास की विभिन्न रेल परियोजनाओं का निरीक्षण किया था और मातहत अफसरों को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए थे।
महाजन ने इस दौरे की ओर इशारा करते हुए पत्र में महाप्रबंधक से कहा, ''आपने कुछ दिन पहले ही यह क्षेत्र देखा है। (इंदौर में) 40 लाख की आबादी की दृष्टि से क्या पर्याप्त रेल सुविधाएं हैं?''
उन्होंने कहा कि शहर में रेल सुविधाओं की मौजूदा स्थिति देखकर कई बार लगता है कि बेहतर होता कि कोई सुविधा ही नहीं होती।
पत्र के अंत में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि महाप्रबंधक एक सक्षम अधिकारी हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह उनके शब्दों के बीच की पीड़ा और उसके पीछे की भावना अच्छी तरह समझेंगे।
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहा जाना वाला इंदौर, आबादी के लिहाज से राज्य का सबसे बड़ा शहर है जहां हर रोज देश भर के हजारों यात्रियों की आवा-जाही होती है।
यात्रियों के साथ ही अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता शहर में पिछले कई दशकों से रेल सुविधाओं की कमी की शिकायत करते आ रहे हैं।
भाषा हर्ष सिम्मी वैभव
वैभव
2207 1349 इंदौर