राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में कई राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन
रंजन
- 22 Jul 2026, 01:13 AM
- Updated: 01:13 AM
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर धरने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा एवं अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और गोवा समेत प्रदेश के कई राज्यों में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।
पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस की कोलकाता इकाई के अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रात आठ बजे लोक भवन तक मार्च निकाला।
शुभंकर ने कहा, "कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में और देश भर में हो रहे ऐसे ही प्रदर्शनों के समर्थन में हमने लोकभवन तक मार्च निकाला।"
कांग्रेस की अरुणाचाल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बोसिराम सिराम ने राहुल गांधी की हिरासत को संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
सिराम ने कहा कि यह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की "तानाशाही वाली सोच" को दिखाता है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की चिंताओं को दूर करने के बजाय शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
असम में नेता प्रतिपक्ष वाजेद अली चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोक भवन के बाहर प्रदर्शन किया और दिल्ली में पेपर लीक होने के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस की असम इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक जाकिर हुसैन सिकदर ने कहा, "हम यहां कुछ लोगों का एक छोटा सा समूह हैं जो राज्यपाल से मिलकर अपनी शिकायतें बताना चाहते हैं लेकिन यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।" सिकदर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
गोवा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर के नेतृत्व में लोक भवन तक मार्च निकाला गया, लेकिन पुलिस ने अवरोधक लगाकर उन्हें रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अवरोधकों को तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान कांग्रेस नेताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।
बाद में चोडणकर ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू से मिलने का समय मांगा था, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी।
जीपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें बुधवार सुबह साढ़े दस बजे राज्यपाल से मिलने के लिए कहा गया है।
चोडणकर ने कहा, "हम फिलहाल अपना प्रदर्शन वापस ले रहे हैं और बुधवार को अपनी मांगों के साथ राज्यपाल से मिलने दोबारा पहुंचेंगे।"
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात नयी दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में रायपुर स्थित लोक भवन के बाहर प्रदर्शन किया।
विपक्षी दल के इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए।
यह प्रदर्शन सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित लोक भवन के मुख्य द्वार के पास आयोजित किया गया।
रायपुर के पूर्व महापौर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर ने सवाल किया, "नीट पेपर लीक छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। जनहित के हर मुद्दे पर कांग्रेस जनता के साथ खड़ी रहेगी। दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार कौन है?"
मिजोरम में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोक भवन के पास प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की मिजोरम इकाई के प्रवक्ता लालरेमरुआता रेंथलेई ने कहा कि यह प्रदर्शन छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में राहुल गांधी के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल विजय कुमार सिंह को प्रधानमंत्री मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पंजाब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राणा के.पी. सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पंजाब के राज्यपाल के आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया।
बाद में, चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब कांग्रेस नेताओं को प्रदर्शन स्थल से हटाकर कुछ समय के लिए हिरासत में लिया।
वहीं, हरियाणा कांग्रेस के कई नेताओं को भी पार्टी कार्यालय से हरियाणा लोक भवन की ओर मार्च करने के दौरान हिरासत में लिया गया। उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया।
हिरासत में लिए गए नेताओं में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा पार्टी के कई विधायक शामिल थे।
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए पार्टी की ओडिशा इकाई ने कहा, "सरकार कांग्रेस की आवाज दबाने के लिए पुलिस को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रही है, लेकिन दमन की यह नीति हमें रोक नहीं सकती।"
प्रदेश कांग्रेस ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और यहां विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने तथा परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
भाषा राखी रंजन
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