किसान महापंचायत: शंभू बॉर्डर सील किए जाने के बीच दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों को रोका गया
दिलीप
- 21 Jul 2026, 05:52 PM
- Updated: 05:52 PM
शंभू/अंबाला, 21 जुलाई (भाषा) हरियाणा पुलिस की ओर से अवरोधक लगाकर शंभू बॉर्डर को सील किए जाने के बीच प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली में आयोजित 'किसान महापंचायत' में शामिल होने जा रहे पंजाब के सैकड़ों किसानों को मंगलवार को पड़ोसी राज्य की सीमा पर रोक दिया गया।
दिन में बाद में, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और अंबाला के उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने पंजाब के किसानों से मुलाकात की, उनसे एक ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
किसानों ने कहा कि वे जल्द ही अपनी अगली रणनीति तय करेंगे।
'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले मंगलवार को प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर एक दिवसीय 'किसान महापंचायत' आयोजित की जा रही है।
किसान नेताओं ने पहले कहा था कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से किसान महापंचायत में शामिल होंगे।
इस योजना के तहत पंजाब से करीब एक हजार किसान अपने-अपने संगठनों के झंडे लेकर मंगलवार को शंभू सीमा पहुंचे, जहां से वे बसों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
किसानों का काफिला मंगलवार सुबह गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से रवाना हुआ। एक हजार से अधिक किसानों ने सोमवार रात गुरुद्वारे की सराय में बिताई।
वहां से काफिला जीटी रोड पर सरहिंद के निकट माधोपुर पहुंचा और फिर शंभू सीमा की ओर बढ़ा।, जहां से उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
हरियाणा के प्रवेश बिंदु पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। घग्गर नदी पर बने पुल पर जंजीरों से जुड़े अवरोधक और सीमेंट के अवरोधक लगाए गए थे, जबकि पानी की बौछार करने वाले वाहन भी तैयार रखे गए थे।
वहीं, पास के अंबाला में अधिकारियों ने ज़िले में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तथा स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के हिस्सों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। वहीं, किसान नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों को खनौरी सीमा, कुरुक्षेत्र के शाहाबाद और करनाल में भी रोका गया।
कुरुक्षेत्र में किसानों ने दावा किया कि उन्हें ज्योतिसर के पास रोक दिया गया।
पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने नायब सिंह सैनी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें हरियाणा सीमा पर रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि किसान प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को पूरी तरह रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं।
पंढेर ने संवाददाताओं से कहा, ''हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है? इससे हरियाणा के मुख्यमंत्री का 'असली चेहरा' सामने आ गया है, जो अक्सर पंजाब आकर वोट मांगते हुए लोगों से बड़े-बड़े वादे करते हैं।''
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
पंढेर ने कहा, ''उन्हें हमसे किस बात का खतरा है? पहले कहा जाता था कि हम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर आते हैं। इस बार तो हम केवल चार घंटे के कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि किसानों का हरियाणा पुलिस से किसी प्रकार के टकराव का कोई इरादा नहीं है और वे शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते हैं।
पंढेर ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी की तत्काल रिहाई की भी मांग की। चढ़ूनी को सोमवार को कुरुक्षेत्र में पुलिस ने हिरासत में लिया था।
संगठन के प्रवक्ता प्रिंस वराइच ने दावा किया कि हरियाणा पुलिस प्रदर्शन में भाग लेने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले रही है।
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के नेता तेजवीर सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के शंभू बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
बाद में, पंजाब के किसान नेताओं ने हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से मुलाकात की मांग की, जिसके बाद राणा ने अंबाला के उपायुक्त के साथ उनसे मुलाकात की।
बैठक का ब्योरा साझा करते हुए पंढेर ने कहा कि हरियाणा के मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित हिरासत में लिए गए सभी किसानों को रिहा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया है कि आठ से दस दिन के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक की व्यवस्था की जाएगी।
इस बीच, सीमा बिंदु को सील किए जाने से कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
परामर्श में यात्रियों से पंजाब जाने के लिए अंबाला छावनी-चंडीगढ़-लालड़ू-डेरा बस्सी-जीरकपुर मार्ग अपनाने को कहा गया है। इसमें कहा गया है कि पंजाब से दिल्ली जाने वाले लोग राजपुरा-लालड़ू-डेरा बस्सी-जीरकपुर-अंबाला छावनी मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
किसानों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने तथा किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फरवरी 2024 में भी इसी तरह अवरोधक लगाकर बॉर्डर सील कर दिया गया था, जब किसानों ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली कूच का आह्वान किया था।
भाषा प्रचेता दिलीप
दिलीप
2107 1752 शंभू/अंबाला