कांग्रेस संसद में शिक्षा सुधारों का मुद्दा उठाएगी : सैलजा
सुभाष
- 19 Jul 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
चंडीगढ़, 19 जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी संसद के मानसून सत्र में छात्रों, शिक्षा सुधारों, रोजगार, किसानों और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।
हरियाणा के सिरसा से लोकसभा सदस्य सैलजा ने आरोप लगाया कि छात्रों, युवाओं, किसानों, खिलाड़ियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और जनता की राय का सम्मान किया जाना चाहिए तथा सरकार को लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए।
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी का 'छात्रों की गूंज' अभियान, जिसकी शुरुआत कोटा से हुई थी और बाद में इसे देहरादून में भी आयोजित किया गया, अब एक राष्ट्रीय मंच बन गया है, जो छात्रों की चिंताओं को सामने लाता है।
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सांसद संसद के दोनों सदनों में शिक्षा, रोजगार, किसानों, महंगाई, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे उठाएंगे तथा सरकार से इन पर जवाब मांगेंगे।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी सैलजा ने राज्य का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पार्टी के कार्यक्रमों को जनता का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अगस्त की शुरुआत में उत्तराखंड में पार्टी के एक बड़े कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे, जिसके बाद अन्य वरिष्ठ नेताओं के दौरे भी होंगे।
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए दान और चढ़ावे को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
कांग्रेस के छात्र संगठन 'नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया' (एनएसयूआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैलजा ने कहा कि बार-बार होने वाली प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में खामियों ने छात्रों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है।
उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा, रोजगार और परीक्षा सुधारों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि लगातार सामने आ रही अनियमितताएं युवा अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं।
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाना जारी रखेगी।
उन्होंने बताया कि एनएसयूआई की मांग है कि प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर पहले से जारी किया जाए, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री की ओर से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के साथ नियमित तौर पर संवाद किया जाए।
भाषा पारुल सुभाष
सुभाष
1907 1702 चंडीगढ़