सीजेपी संस्थापक दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, विचलित हुए बिना अभिजीत बोले- 'नीला मेरा रंग है'
पवनेश
- 18 Jul 2026, 08:55 PM
- Updated: 08:55 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा के दौरान एक महिला ने उन पर नीली स्याही फेंक दी। हालांकि, दीपके इससे विचलित नहीं हुए और ''नीला मेरा रंग है, जय भीम'' कहते हुए अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की।
यह घटना उस समय हुई जब दीपके अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा बलपूर्वक सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।
पुलिस के अनुसार, बरखा त्रेहन नामक महिला दीपके के संबोधन के दौरान मंच की ओर बढ़ी और उन पर नीली स्याही फेंक दी। इससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया, जिसके बाद स्वयंसेवकों और समर्थकों ने उसे पकड़ लिया।
घटना के बाद जब कुछ समर्थक मंच की ओर दौड़े, तो दीपके ने उनसे बार-बार अपनी जगह पर बैठे रहने और उत्तेजित नहीं होने की अपील की। घटना के बाद दीपके ने कहा, ''नीला मेरा रंग है। जय भीम।''
पुलिस बरखा त्रेहन को कार्यक्रम स्थल से ले गई। वहां से ले जाए जाने के दौरान बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसने धार्मिक नारे भी लगाए।
त्रेहन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने परिचय में खुद को पुरुष अधिकार कार्यकर्ता तथा 'पुरुष आयोग' की अध्यक्ष बताया है।
हालांकि, इस हमले के पीछे का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन त्रेहन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में कॉजपा के कुछ पुरुष नेताओं पर आरोप लगाए थे।
उसकी हालिया सोशल मीडिया गतिविधियों से यह भी पता चलता है कि वह जंतर-मंतर पर हुए कई प्रदर्शनों में शामिल रही है, जिनमें पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन भी शामिल है। उसने सिया गोयल मामले को लेकर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।
जून में उसने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया था कि इस दौरान उसकी भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई।
पुलिस ने कहा कि उसे हिरासत में ले लिया गया है और जांच की जा रही है।
घटना के कई घंटे बाद भी हाथों पर नीली स्याही के निशान दिखाई देने के बीच दीपके ने 'एक्स' पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद कॉजपा अपना आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''दिल्ली पुलिस रात या तड़के हमारे प्रदर्शन पर कार्रवाई करके युवाओं की आवाज दबाने की योजना बना रही है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे जंतर-मंतर पर रात्रि जागरण में शामिल हों, ताकि हम 20 जुलाई को एकजुट होकर संसद तक मार्च कर सकें।''
दीपके की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। आइसा कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष भी वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े छात्रों की कथित मौतों के विरोध में कॉजपा के नेतृत्व में जारी आंदोलन के समर्थन में अनशन कर रहे थे।
भाषा अमित पवनेश
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