सेवा पूरी कर लौटे अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु उत्तराखंड में बनेगा 'अग्निवीर सेल'
राजकुमार
- 17 Jul 2026, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
देहरादून, 17 जुलाई (भाषा) अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 'अग्निवीर सेल' स्थापित किया जायेगा।
धामी ने यहां यूथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बनेगा, जहां 'अग्निवीर सेल' स्थापित किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के तहत पूर्व सैनिकों तथा अग्निवीरों को 'होमस्टे' स्थापित करने तथा सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार से संबंधित अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने हेतु विशेष अनुदान देने की भी घोषणा की ।
उन्होंने बताया कि भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है जबकि सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन समेत राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है ।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में उन्हें अधिकतम आयु सीमा में छूट तथा प्राथमिकता दिया जाना भी सुनिश्चित किया गया है जिसका उद्देश्य सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मानजनक भविष्य देना है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर बनना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च अवसर है जहां सेना में बिताए गए चार वर्ष अग्निवीरों के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होगी।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों, सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के बेटे हैं और सैनिकों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार की अनुभूति होती है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य है जबकि सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार देने के लिए मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित किया गया ।
राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून को लागू करने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती घोटालों के सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए यह कानून लागू किया जिसमें उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने के परिणामस्वरूप उत्तराखंड में पूरी पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड भर्तियां हुईं और पिछले पांच साल में 34 हजार से अधिक पात्र युवाओं को सरकारी नौकरी मिली ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपने घर और गांव में ही रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं तथा चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, शीतकालीन यात्रा जैसी अनेकों यात्राओं में पिछले चार सालों में 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड आए हैं।
भाषा दीप्ति रवि कांत राजकुमार
राजकुमार
1707 1920 देहरादून