उप्र : स्कूल में चाकू और चापड़ लहराने का वीडियो वायरल, प्रधानाध्यापिका निलंबित
सं, आनन्द रवि कांत
- 17 Jul 2026, 06:50 PM
- Updated: 06:50 PM
कौशांबी, 17 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कथित तौर पर चाकू और चापड़ लेकर आने तथा उसे लहराने की घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, सिराथू तहसील के कड़ा विकासखंड स्थित लुकिया डोरमा प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शिखा सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसमें वह विद्यालय में कथित तौर पर चाकू और चापड़ लहराती नजर आ रही हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी नीरज उमराव से कराई गई। जांच में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखी गई घटना सही पाई गई।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापिका शिखा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, विभाग की ओर से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी नीरज उमराव ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि प्रधानाध्यापिका स्कूल में चाकू और चापड़ लेकर आई हैं। कुछ अभिभावकों ने फोन पर शिकायत की थी कि स्कूल जाते समय उन्होंने कथित तौर पर उनके सामने हथियार लहराए थे।
उन्होंने बताया कि विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए बीएसए को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस विद्यालय पहुंची और चाकू तथा चापड़ को अपने कब्जे में ले लिया। मामले में विभागीय जांच जारी है।
उमराव के अनुसार, प्रधानाध्यापिका के पति को विद्यालय बुलाया गया था, जिन्होंने दावा किया कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
वहीं, पत्रकारों से बातचीत में शिखा सिंह ने कहा कि वह चाकू और चापड़ इसलिए लेकर आई थीं क्योंकि उन्हें असुरक्षित महसूस हो रहा था और वह अपनी निजी सुरक्षा के लिए इन्हें रखना चाहती थीं। उन्होंने हालांकि उन लोगों की पहचान बताने से इनकार किया, जिनसे उन्हें खतरा होने का दावा किया था।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत
1707 1850 कौशांबी