खाड़ी देशों के सीबीएसई 12वीं कक्षा के छात्रों की याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते
सुरेश
- 14 Jul 2026, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 27 मार्च की उस मूल्यांकन योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा, जिसे उन नियमित छात्रों के लिए जारी किया गया था, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण खाड़ी देशों में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द किए जाने से प्रभावित हुए थे।
सीबीएसई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ से कहा कि वह इस याचिका पर जवाब दाखिल करेंगे।
इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई अगले हफ्ते के लिए सूचीबद्ध कर दी।
शीर्ष अदालत आठ जुलाई को खाड़ी देशों के 30 नियमित छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई थी। उसने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब तलब किया था।
न्यायालय ने कहा था कि याचिका की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल को उपलब्ध कराई जाए।
शीर्ष अदालत ने एक खाड़ी देश के 12वीं कक्षा के एक अन्य छात्र की ओर से दाखिल अलग याचिका पर भी केंद्र और सीबीएसई से जवाब मांगा था। इस याचिका में परीक्षा रद्द होने से प्रभावित निजी छात्रों के मूल्यांकन के सिलसिले में 21 जून को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने न्यायालय को बताया था कि छात्र संबंधित मूल्यांकन योजना से संतुष्ट नहीं हैं।
खाड़ी देशों के 30 नियमित छात्रों की ओर से दाखिल याचिका में 27 मार्च 2026 की मूल्यांकन योजना को रद्द करने और/या उसमें उचित बदलाव का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
इसमें अधिकारियों को एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भेदभाव-रहित मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाने का निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है।
याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि सीबीएसई को प्रभावित छात्रों के लिए सभी विषयों में एक विशेष नयी परीक्षा और विशेष सुधार परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया जाए।
इसमें अनुरोध किया गया है कि चुने जाने वाले विषयों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए और छात्रों को यह छूट दी जानी चाहिए कि वे जिस भी परीक्षा परिणाम को अपने लिए अधिक फायदेमंद समझें, उसे ही स्वीकार करें।
सीबीएसई ने ईरान-अमेरिका युद्ध के मद्देनजर पश्चिम एशिया के सात देशों -बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)- में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी थीं।
भाषा पारुल सुरेश
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