दिल्ली में 1,080 जल निकायों की पहचान की गई: रिपोर्ट
माधव
- 11 Jul 2026, 09:46 PM
- Updated: 09:46 PM
नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) दिल्ली में 1,080 जल निकायों की पहचान की गई है, जिनमें सबसे अधिक दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में है जबकि इनमें से कई जल निकाय अतिक्रमण, सूखे और खराब जल गुणवत्ता जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष दिल्ली आर्द्रभूमि प्राधिकरण द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई।
अधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में नौ जुलाई को यह स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें 16 भूमि स्वामित्व वाली एजेंसियों से प्राप्त जानकारी को संकलित किया गया है, जिनमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), वन विभाग, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और अन्य शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में जल निकायों की संख्या सबसे अधिक 291 है, इसके बाद बाहरी उत्तर दिल्ली में 266 और दक्षिण दिल्ली में 156 जल निकाय हैं।
इसके अनुसार उत्तर-पूर्व दिल्ली में 56, पूर्वी दिल्ली में 52, दक्षिण-पूर्व दिल्ली में 49, पश्चिमी दिल्ली में 42, उत्तरी दिल्ली में 40, मध्य उत्तर दिल्ली में 29, मध्य दिल्ली में 14 और नयी दिल्ली में पांच जल निकाय हैं।
रिपोर्ट में पुरानी दिल्ली के अंतर्गत चार जल निकायों, डीडीए की ओ-जोन श्रेणी के अंतर्गत 35 जल निकायों और अन्य को भी सूचीबद्ध किया गया है।
इसके अनुसार डीडीए के पास 856 जल निकाय हैं, इसके बाद राजस्व विभाग के 130, वन विभाग 28, एमसीडी के पास 24, एएसआई के 16, डीजेबी के पास छह और सीपीडब्ल्यूडी के पांच जल निकाय हैं। इनके अलावा अन्य एजेंसियों के पास भी कुछ जल निकाय हैं।
डीडीए ने कहा कि उसने 182 जल निकायों के संरक्षण के लिए कार्य योजनाएं तैयार की हैं।
जिन 108 जल निकायों के लिए उसने जल गुणवत्ता संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराए, उनमें से 11 की जल गुणवत्ता अच्छी, दो की मध्यम और 95 की खराब श्रेणी में पाई गई।
राजस्व विभाग ने बताया कि उसके अधीन 130 जल निकायों में से 94 के सीमांकन का काम पूरा हो चुका है।
एमसीडी ने बताया कि उसके अधीन 24 जल निकायों में से 21 का सीमांकन पूरा हो चुका है, जबकि चार पर अतिक्रमण है।
डीजेबी ने बताया कि ने बताया कि उसने अपने अधिकार क्षेत्र के छह जल निकायों में से केवल एक के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की है और उस जल निकाय के सीमांकन का काम पूरा हो चुका है।
एएसआई ने बताया कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 संरक्षित जल निकाय अच्छी तरह संरक्षित हैं और उनके लिए तत्काल संरक्षण संबंधी उपायों की आवश्यकता नहीं है। इसने बताया कि दो जल निकायों के सूखे होने और उन पर अतिक्रमण होने की सूचना मिली है।
वन विभाग ने बताया कि उसके अधीन 28 जल निकायों में से 13 का सीमांकन पूरा हो चुका है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुरातत्व विभाग ने प्राधिकरण को सूचित किया है कि द्वारका बावड़ी का सीमांकन किया जा चुका है, वह अतिक्रमण से मुक्त है, उसके संरक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और उसके पानी की गुणवत्ता बेहतर है।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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