ईडी ने फिल्म निर्माता धर्मेश संगानी के खिलाफ फेमा के तहत जांच शुरू की
माधव
- 10 Jul 2026, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
नयी दिल्ली/मुंबई, 10 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने और अन्य अनियमितताओं के आरोपों में मुंबई के एक फिल्म निर्माता और उनकी कंपनी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत जांच शुरू कर उनके परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उक्त फिल्म निर्माता अभिनेता शेखर सुमन से जुड़े हुए हैं।
ईडी ने बृहस्पतिवार को फेमा के प्रावधानों के तहत मुंबई में 'कलानी इम्पेक्स लिमिटेड' और उसके निदेशक धर्मेश संगानी, उनकी पत्नी रंजीता संगानी और नरेंद्र संगानी से जुड़े परिसर में तलाशी ली।
संगानी ने एक फिल्म अकादमी की सह-स्थापना की थी जिसे सुमन ने प्रवर्तित किया।
अधिकारियों ने कहा कि जारी जांच सिर्फ संगानी परिवार और उनकी कंपनी की भूमिका तक ही सीमित है।
ईडी ने कहा, ''तलाशी के दौरान, धर्मेश संगानी की ऐसी विदेशी कंपनियों और विदेशी बैंक खातों से जुड़े सबूत मिले हैं, जिनकी जानकारी पहले नहीं दी गई थी। इन कंपनियों और खातों का जिक्र आयकर रिटर्न में नहीं किया गया है।''
ईडी ने एक बयान में कहा, ''इन विदेशी कंपनियों और बैंक खातों से संबंधित पैसे के स्रोत, मालिकाना हक के प्रकार और अन्य दूसरी बातों की जांच की जा रही है।''
सांगानी या उनकी कंपनी से संपर्क नहीं हो सका। फिल्म अकादमी को भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं मिला।
ईडी के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान धर्मेश संगानी ने एक इमारत की 13वीं मंजिल से अपना मोबाइल फोन नीचे फेंक दिया जिसे बाद में जांच अधिकारियों ने बरामद कर लिया। ईडी ने इस मामले में साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में संगानी के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
ईडी ने आरोप लगाया कि कंपनी निर्यात से प्राप्त करोड़ों रुपये की आय विदेशी मुद्रा प्रबंधन (वस्तु एवं सेवा का निर्यात) विनियम, 2015 तथा भारतीय रिजर्व बैंक के 'वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात' संबंधी प्रमुख निर्देश के तहत निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद भारत नहीं लाई।
ईडी ने कहा कि कंपनी ने लागू कानूनी नियमों के तहत जरूरी होने के बावजूद निर्यात से मिलने वाली रकम की वसूली के लिए अधिकृत डीलर बैंकों या आरबीआई से समय बढ़ाने की मांग 'नहीं की'।
तलाशी के दौरान ईडी को ऐसे दस्तावेज मिले जो जून 2025 में अमेरिका के 'कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन' द्वारा जब्त की गई लगभग 30 लाख अमेरिकी डॉलर की ज्वेलरी से जुड़े थे। यह जब्ती तस्करी किए गए सामान और नकली ट्रेडमार्क वाले संदिग्ध सामान के मामले से जुड़ी थी।
एजेंसी ने कहा, ''जब्त किए गए सामान की खेप और कंपनी द्वारा भारत से किए गए निर्यात के बीच संबंध की जांच की जा रही है।''
ईडी ने दावा किया कि संगानी को सितंबर 2016 में लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डा पर रोका गया था और जहां उनके पास से 7.41 किलोग्राम सोने के ऐसे आभूषण बरामद किए गए, जिनकी घोषित मात्रा या मूल्य वास्तविक मात्रा या मूल्य से कम बताए गए थे।
ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है ताकि नियमों के उल्लंघन की पूरी तस्वीर सामने आ सके, विदेश में मौजूद संपत्ति की पहचान हो सके, धन के लेन-देन का पता लगाया जा सके और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका तय की जा सके।
भाषा संतोष माधव
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