दिल्ली में 15 जुलाई तक शुष्क मौसम और तापमान बढ़ने के आसार
माधव
- 10 Jul 2026, 10:03 PM
- Updated: 10:03 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) दिल्ली में लगातार दो दिन तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार सुबह आसमान साफ रहा। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि शहर में आने वाला हफ़्ता सूखा और गर्म रहने की संभावना है, जबकि इस महीने बाद में मॉनसून के फिर से ज़ोर पकड़ने की उम्मीद है।
हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जुलाई के पहले 10 दिनों में दिल्ली में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष मानसून ने दिल्ली में अपने सामान्य आगमन की तिथि 27 जून के मुकाबले दो जुलाई को दस्तक दी।
दिल्ली के आधार मौसम केंद्र सफदरजंग में इस अवधि के लिए सामान्य औसत वर्षा (एलपीए) 52.6 मिलीमीटर के मुकाबले 132.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 151 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा पिछले दो दिनों के दौरान हुई।
स्काइमेट वेदर के महेश पलावत ने कहा कि 15 जुलाई तक दिल्ली में वर्षा की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है, क्योंकि मानसूनी द्रोणिका हिमालय की तराई की ओर खिसक गई है।
उन्होंने कहा, ''कल और परसों कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन किसी बड़े मौसमीय घटनाक्रम की संभावना नहीं है।'' पलावत ने कहा कि इस दौरान तापमान बढ़ने और आर्द्रता में कमी आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि 15 जुलाई के बाद मानसूनी द्रोणिका के फिर दक्षिण की ओर खिसकने की संभावना है, जिससे दिल्ली में बारिश का एक और दौर आने की संभावना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य पाकिस्तान से शुष्क हवा लेकर आने वाली पछुआ हवाएं भी दिल्ली पहुंच गई हैं, जिसके कारण कई दिनों तक बादल छाए रहने और भारी बारिश के बाद अब आसमान साफ हो गया है और तेज धूप निकल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 जुलाई से पहले दिल्ली में बारिश होती भी है, तो उसके स्थानीय स्तर पर बादल बनने के कारण कहीं-कहीं फुहारों तक सीमित रहने की संभावना है, न कि व्यापक मानसूनी गतिविधि के रूप में।
पलावत ने कहा, ''हाल में हुई बारिश का दौर मानसूनी द्रोणिका के कारण था, जो पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई थी। शुरुआत में यह मध्य भारत के ऊपर स्थित थी, जिससे वहां भारी बारिश हुई। बाद में यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर हिमालय की तराई की तरफ खिसकते हुए दिल्ली के ऊपर से गुजरी, जिससे पूरे शहर में व्यापक वर्षा हुई।''
सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम था। वहीं, पालम में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है।
लोधी रोड में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.8 डिग्री कम), रिज में 33.5 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.1 डिग्री कम) और आयानगर में 33 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से तीन डिग्री कम) दर्ज किया गया।
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 1.5 डिग्री कम), पालम में 24.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.8 डिग्री कम), लोधी रोड में 25.7 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.3 डिग्री कम), रिज में 22.9 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.6 डिग्री कम) और आयानगर में 24.6 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.4 डिग्री कम) दर्ज किया गया।
आईएमडी के अनुसार, सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग में 33.6 मिलीमीटर, लोधी रोड में 33.7 मिलीमीटर, रिज में 25.9 मिलीमीटर, आयानगर में 4.2 मिलीमीटर और पालम में 1.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच इन पांचों मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए दिल्ली के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
शनिवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता लगातार तीसरे दिन 'संतोषजनक' श्रेणी में रही। शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 67 दर्ज किया गया।
बुधवार को एक्यूआई 59 था, जो बृहस्पतिवार को और सुधरकर 48 हो गया। यह दिल्ली में पिछले करीब दो वर्ष 10 महीने के दौरान दर्ज की गई सबसे स्वच्छ हवा रही।
सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है।
भाषा अमित माधव
माधव
1007 2203 दिल्ली