केजरीवाल ने 29 वाहन निर्माताओं को पत्र लिखा, ई20 ईंधन से 'माइलेज' पर असर को लेकर जवाब मांगा
प्रशांत
- 08 Jul 2026, 08:17 PM
- Updated: 08:17 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को 29 वाहन निर्माताओं को पत्र लिखकर उनसे यह जानना चाहा कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के 'माइलेज' और प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है।
केजरीवाल ने कंपनियों से सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा।
'आप' प्रमुख ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को अलग-अलग पत्र लिखे। उन्होंने इन कंपनियों के उन हालिया बयानों का जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के 'माइलेज' पर असर नहीं पड़ेगा।
केजरीवाल ने अपने पत्रों में इन कंपनियों से लिखित आश्वासन मांगा कि अगर ई20 ईंधन के इस्तेमाल से ग्राहकों के वाहनों का 'माइलेज' घटता है या उनके प्रदर्शन पर कोई असर पड़ता है, तो निर्माताओं की ओर से उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
तीनों वाहन निर्माताओं ने इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
केजरीवाल ने 26 अन्य वाहन निर्माता कंपनियों को भी अलग-अलग पत्र लिखकर पूछा कि क्या पुरानी गाड़ियों में ई20 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है, ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के 'माइलेज' पर कितना असर पड़ेगा और क्या इससे वाहनों में यांत्रिक खराबी आने का जोखिम है।
उन्होंने कहा कि वह बृहस्पतिवार को पेट्रोल पंप पर जाकर वाहन मैकेनिक से मिलेंगे, ताकि ई20 ईंधन के इस्तेमाल पर उनकी राय जान सकें और वाहनों पर इसके असर को लेकर चर्चा कर सकें।
केजरीवाल ने कहा कि वह उपभोक्ताओं के अनुभवों और उनकी चिंताओं का पता लगाने के लिए उनसे भी बातचीत करेंगे।
'आप' प्रमुख ने सवाल किया कि कार निर्माता कंपनियों के उपयोगकर्ता पुस्तिका (ओनर्स मैनुअल) में 10 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के इस्तेमाल पर रोक क्यों लगाई गई है।
केजरीवाल ने कहा कि ऐसा दावा किया जा रहा है कि ई20 ईंधन से वाहनों के 'माइलेज' में सिर्फ चार से पांच फीसदी की कमी आती है। उन्होंने कंपनियों से सवाल किया कि अगर 'माइलेज' और कम हो जाता है या वाहन के कलपुर्जे खराब हो जाते हैं, तो क्या वे ग्राहकों को मुआवजा देंगी।
केजरीवाल ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हर कंपनी जवाब देगी, क्योंकि यह पूरे देश में ग्राहकों के लिए बहुत गंभीर मामला है। मुझे यह भी उम्मीद है कि वे सभी एक हफ्ते के अंदर जवाब देंगी, क्योंकि कुछ कंपनियों के 'ओनर मैनुअल' कुछ और बयां करते हैं, जबकि कंपनियों की ओर से सार्वजनिक रूप से बिल्कुल अलग बात कही गई है।"
भाषा पारुल प्रशांत
प्रशांत
0807 2017 दिल्ली