तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से जुड़े मामले में ईडी ने कोलकाता में पांच ठिकानों पर छापे मारे
सुभाष
- 07 Jul 2026, 11:13 PM
- Updated: 11:13 PM
कोलकाता/नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बैंक खातों से कथित तौर पर धन का हेरफेर कर 'एम्ब्रेयर' विमान और 'अगस्ता वेस्टलैंड' हेलीकॉप्टर खरीदे जाने के मामले में मंगलवार को कोलकाता में कई जगहों पर छापे मारे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की राजधानी में करीब पांच परिसरों पर छापेमारी की गई। इनमें 'केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज' के ठिकाने भी शामिल हैं, जो 'केयरवेल एविएशन' नाम से निजी विमान किराये पर देने वाली व्यावसायिक इकाई का संचालन करती है।
इस संबंध में कोलकाता स्थित विमान संचालक कंपनी और तृणमूल कांग्रेस को 'पीटीआई-भाषा' द्वारा भेजे गए सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये 'केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और उसकी सहयोगी इकाई के खातों में भेजे गए थे।
आरोप है कि इसके बाद इस कंपनी ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये की एक और बड़ी राशि हाल ही में अस्तित्व में आई एक नयी कंपनी के खाते में डाल दी।
जांच में पाया गया कि इस राशि में से 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' नामक कॉरपोरेट विमान और 'अगस्ता वेस्टलैंड 109एसपी' हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए किया गया था।
अधिकारियों ने दावा किया कि हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए विदेशों से मिले धन का भी उपयोग किया गया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी रकम का मुख्य स्रोत सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते ही थे। बाद में इन दोनों विमानों को उसी राजनीतिक दल (टीएमसी) को किराए पर दे दिया गया, जो हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता से बाहर हुई है।
ईडी ने कहा, "इसके बाद विमानों के इस्तेमाल के नाम पर लगातार मोटी रकम का लेनदेन किया गया। यह पूरी कवायद बेहद संदेहास्पद लगती है और ऐसा प्रतीत होता है कि इस सौदेबाजी के असली वित्तीय लाभ लेने वाले चेहरों को छिपाने के लिए यह मुखौटा तैयार किया गया था, जिसकी गहन जांच की जा रही है।"
पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस के भीतर कोष पर नियंत्रण को लेकर पार्टी के अंदर कलह खुलकर सामने आ गई थी। इसके बाद बागी विधायकों ने पार्टी कोष में जमा धन के स्रोत की जांच कराने की मांग की थी।
इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पिछले महीने, कोलकाता पुलिस ने तृणमूल के तीन बैंक खातों से होने वाले वित्तीय लेन-देन और निकासी पर रोक लगा दी थी। अनुमान है कि इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के धड़े ने बैंक खातों पर लगी इस रोक को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बीते दो जुलाई को संबंधित निजी बैंक प्रबंधन को निर्देश दिया था कि वह इन खातों में जमा कुल राशि का ब्योरा सार्वजनिक करे।
इस बीच, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के दल-बदल के मामले पर अपना फैसला सुना सकते हैं। इन बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई थी।
भाषा सुमित सुभाष
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