बारुईपुर मामला : शुभेंदु ने 72 घंटे में रिपोर्ट तलब की, भीड़ हत्या के पीड़ित को बेकसूर बताया
अविनाश
- 07 Jul 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
कोलकाता, सात जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था।
उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने संवाददाताओं से कहा, "हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।"
शुभेंदु ने कहा कि बारुईपुर दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़िता के परिजन पुलिस जांच की प्रगति से संतुष्ट हैं।
उन्होंने कहा, "मैं पीड़िता के परिजन से बात करने के बाद संतुष्ट हूं और मुझे लगता है कि वे भी संतुष्ट हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल करीब 200 लोगों की पहचान की गई है।
उन्होंने कहा, "इन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।"
शुभेंदु ने विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जांचकर्ताओं ने हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं।
उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने पर्दे के पीछे से उकसाया है-जिनमें हालिया (विधानसभा) चुनावों में जनता की ओर से नकारे गए नेता, शून्य से एक सीट हासिल करने वाले और कुछ कट्टरपंथी व देश-विरोधी ताकतें शामिल हैं-उनकी पहचान कर ली गई है। डीजीपी नीत एसटीएफ ने उनकी (कट्टरपंथी और देश-विरोधी तत्व) कॉल रिकॉर्डिंग जुटा ली है। सरकार उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी।"
शुभेंदु ने कहा कि सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए लोगों को उकसाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि पीड़िता के परिजन ने सुरजापुर में पुलिस चौकी बनाने की मांग की है और अगले हफ्ते जब वह दोबारा बारुईपुर जाएंगे, तो इसका उद्घाटन करेंगे।
शुभेंदु ने कहा, "मुआवजे और मदद के बारे में परिवार के सदस्यों ने मुझे कुछ सुझाव दिए हैं। मैं एक हफ्ते के भीतर दोनों परिवारों (पीड़िता और मंडल के परिवार) से मिलूंगा और फिर घोषणा करूंगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की नेता एवं सांसद सयानी घोष, राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस विधायक बिमान बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन विधायकों से घटना के सिलसिले में बात की तथा उन्हें जांच में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।
शुभेंदु ने बताया कि उन्होंने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक की और उन्हें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों, उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम व बाल अधिकार रूपरेखा के तहत कानूनी नियमों को सख्ती से लागू करके यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म एवं हत्या मामले में की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने कहा, "सत्ता में आने के बाद मैंने तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इसलिए मेरा रुख साफ है, यह बात सभी जानते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि (मंडल की) भीड़ हत्या में शामिल लोगों पर हत्या का आरोप लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "जो लोग एक बेगुनाह व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या में शामिल हैं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दिनभर गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।"
भाषा पारुल अविनाश
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