मप्र: 5000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया संविदा चिकित्सा अधिकारी तीन जिलों में था पदस्थ
जितेंद्र
- 07 Jul 2026, 09:05 PM
- Updated: 09:05 PM
खरगोन, सात जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में हाल में पांच हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया एक संविदा चिकित्सा अधिकारी तीन अलग-अलग जिलों में एक साथ पदस्थ पाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मामले के सामने आने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी डॉ. महेश चंद शर्मा केवल शहडोल ही नहीं बल्कि श्योपुर और खरगोन जिलों में भी संविदा चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं।
उन्होंने बताया कि एक ही संविदा चिकित्सा अधिकारी का एक साथ तीन जिलों में पदस्थ होना, अलग-अलग स्थानों पर उपस्थिति दर्ज होना और वेतन का भुगतान होना पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अधिकारी ने बताया कि खरगोन, शहडोल और श्योपुर में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रीवा लोकायुक्त की एक टीम ने तीन जुलाई को शहडोल जिले के ऊफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. शर्मा को पांच हजार रुपये की कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि आरोपी चिकित्सक की पदस्थापना श्योपुर जिले के सहसराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी है। इसके बाद खरगोन स्वास्थ्य विभाग ने भी पुष्टि की कि यही चिकित्सक सेगांव विकासखंड के केली शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फरवरी 2023 से संविदा चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं।
खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. डी. एस. चौहान ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही सेगांव के खंड चिकित्सा अधिकारी को डॉ. शर्मा की पदस्थापना, उपस्थिति, वेतन भुगतान और अन्य सेवा संबंधी दस्तावेजों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सेगांव के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप गोयल ने बताया कि सोशल मीडिया और मीडिया में प्रकाशित तस्वीरों के आधार पर पुष्टि हुई कि यही व्यक्ति फरवरी 2023 से केली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि डॉ. शर्मा अक्सर बिना सूचना के अनुपस्थित रहते थे, जिसके कारण उन्हें कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
गोयल ने बताया कि इसी वर्ष आठ जून को केली में एक गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान भी वह बिना सूचना के अनुपस्थित थे और इसके बाद जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए राज्य सरकार को पत्र भेजा है।
उन्होंने बताया कि मई में अनुपस्थिति के कारण डॉ. शर्मा का वेतन रोक दिया गया था जबकि जून में नियमित उपस्थिति के आधार पर उनका वेतन जारी कर दिया गया।
शहडोल के सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि डॉ. शर्मा फरवरी 2024 से ऊफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थे लेकिन नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण पिछले चार महीनों से उनका वेतन जारी नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि श्योपुर के सहसराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी उनकी पदस्थापना की जानकारी सामने आई है।
इस संबंध में श्योपुर के सीएमएचओ ने सेवा संबंधी विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।
श्योपुर के सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिंह सिकरवार ने बताया कि डॉ. शर्मा वर्ष 2021 से जिले के सहसराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदस्थ थे।
उन्होंने कहा कि मामले को संदिग्ध मानते हुए श्योपुर में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।
साथ ही, शहडोल के सीएमएचओ को पत्र लिखकर डॉ. शर्मा की पदस्थापना और सेवा अभिलेखों की जानकारी मांगी गई है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र
जितेंद्र
0707 2105 खरगोन