पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं ने मोहाली में बैठक की; प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चन्नी का समर्थन किया
सुभाष
- 06 Jul 2026, 11:20 PM
- Updated: 11:20 PM
चंडीगढ़, छह जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद के लिए लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर पुनर्विचार किए जाने की कई पूर्व और मौजूदा विधायकों की बढ़ती मांग के बीच पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को मोहाली में बैठक की, जिसे प्रदेश इकाई में बढ़ती गुटबाजी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव और पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे, जहां वह 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाने के लिए पार्टी नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का अध्यक्ष बनाए रखने के पार्टी आलाकमान के फैसले के बाद, बघेल के प्रदेश इकाई के भीतर गुटबाजी के मुद्दे पर भी नेताओं के साथ बातचीत करने की संभावना है।
पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ने के संकेत के बीच चन्नी ने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पिछली बैठक के सिलसिले में... एकता में ही शक्ति है।"
उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि प्रदेश इकाई के प्रमुख के तौर पर चन्नी का समर्थन करने वाले नेताओं ने वडिंग के नेतृत्व वाले सभी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का फैसला किया है, पार्टी के एक नेता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सोमवार को मोहाली में आयोजित बैठक में वडिंग मौजूद नहीं थे।
वडिंग ने पंजाब इकाई में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कांग्रेस एकजुट है... हम सब साथ हैं।"
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष अवतार हेनरी ने पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को पार्टी और उसके नेतृत्व के खिलाफ बयान देने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया।
मोरिंडा में चन्नी के आवास पर आयोजित बैठक में हिस्सा लेने वाले जलालपुर को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
कांग्रेस के कई नेताओं ने बीते शुक्रवार को रूपनगर जिले के मोरिंडा में चन्नी के आवास पर बैठक की थी, जिसमें ज्यादातर सदस्यों ने वडिंग की जगह उन्हें (चन्नी को) प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन किया था।
बैठक के बाद चन्नी ने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन इसमें (बैठक में) शामिल हुए एक अन्य वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु ने संवाददाताओं से कहा, "यह बैठक मोरिंडा में हुई बैठक का ही अगला हिस्सा थी। बाकी आप समझ ही गए होंगे।"
आशु उन नेताओं में शामिल हैं, जो शुक्रवार को चन्नी के आवास पर हुई बैठक में मौजूद थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह बघेल से मिलेंगे, आशु ने कहा, "मुझे किसी ने आमंत्रित नहीं किया है।"
शुक्रवार को मोरिंडा में चन्नी के आवास पर हुई बैठक में अनुपस्थित कई नेता सोमवार को मोहाली में हुई बैठक में शामिल हुए। इनमें सुखजिंदर सिंह रंधावा, रजिया सुल्ताना, खुशालदीप सिंह ढिल्लों और परगट सिंह शामिल हैं।
चंडीगढ़ पहुंचने के तुरंत बाद बघेल सीधे वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा के आवास गए, जहां दोनों नेताओं के बीच लगभग 45 मिनट तक बातचीत हुई।
बघेल ने संवाददाताओं से कहा कि वह अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी के लिए हाल में बनाई गई पार्टी की विभिन्न समितियों के साथ बैठक करेंगे।
बढ़ती "गुटबाजी" से जुड़े सवालों और यह पूछे जाने पर कि क्या पंजाब कांग्रेस में सब ठीक है, बघेल ने कहा, "मैं अभी-अभी आया हूं। पहले मैं सबसे मिलूंगा और फिर आपसे बात करूंगा।"
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पूरी प्रदेश इकाई कांग्रेस आलाकमान के फैसलों का समर्थन करती है।
उन्होंने माना कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन भरोसा दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा।
बाजवा ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे सुलझाया न जा सके।
उन्होंने कहा, "कुछ गलतफहमियां हैं। चन्नी, वडिंग और अन्य नेता मेरे सहयोगी होने के साथ-साथ अच्छे दोस्त भी हैं। मैं उनके संपर्क में हूं।"
बघेल के साथ अपनी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर बाजवा ने कहा कि उन्होंने अगले साल होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर चर्चा की।
बाजवा ने कहा, "बघेल ने मुझे भरोसा दिलाया कि किसी भी नेता की गलतफहमियों को दूर कर लिया जाएगा। हम मिलकर (चुनाव) लड़ेंगे।"
जब बाजवा से पूछा गया कि राज्य के कुछ नेता प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चन्नी का समर्थन कर रहे हैं, तो बाजवा ने कहा कि उन्हें पार्टी के फैसले पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि वडिंग को बदलने की मांग के बीच चीजों को कैसे सुलझाया जा सकता है, बाजवा ने तंज कसते हुए कहा, "क्या ट्रंप और ईरान ने एक ही मेज पर बैठकर बातचीत नहीं की?"
बाजवा ने कहा कि पंजाब बदलाव चाहता है और लोग कांग्रेस की सरकार देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "हम इस दिशा में काम करेंगे और पांच से सात दिन में पूरा मामला सुलझा लिया जाएगा। कांग्रेस में सब कुछ ठीक है।"
उधर, वडिंग से जब चन्नी के इस पोस्ट के बारे में पूछा गया कि सोमवार की बैठक मोरिंडा में हुए बैठक का अगला हिस्सा थी, तो उन्होंने मामले को तूल देने से बचते हुए कहा, "आप (मीडिया) ऐसे बात कर रहे हैं, जैसे मोरिंडा की बैठक पाकिस्तान या पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) में हुई हो। मैंने पहले ही कहा है कि चन्नी हमारी अभियान समिति के अध्यक्ष हैं और कई नेता उनसे मिलने गए थे।"
वडिंग ने कहा, "वह बैठक और आज की बैठक कांग्रेस को मजबूत करने के लिए थी। आने वाले कुछ दिनों में आप सभी नेताओं को एक मंच पर देखेंगे।"
उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग कह रहा है कि चन्नी दिल्ली में हैं, लेकिन वह यहीं हैं।
वडिंग ने मीडिया से अपील की कि वह ऐसा न दिखाए, जिससे संदेश जाए कि प्रदेश कांग्रेस में कोई "खींचतान" चल रही है।
उन्होंने पंजाब कांग्रेस के एकजुट होने की बात कहते हुए कहा, "चन्नी, राजा वडिंग, राणा गुरजीत, प्रताप सिंह बाजवा, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, हम सब एक साथ हैं।"
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने सोमवार को मोहाली में आयोजित बैठक में हिस्सा क्यों नहीं लिया, वडिंग ने मजाकिया लहजे में कहा, "ऐसा लगता है कि मीडिया हमें आपस में लड़वाना चाहता है।"
उन्होंने कहा, "चन्नी, रंधावा, राणा गुरजीत और तृप्त राजिंदर बाजवा हमारे वरिष्ठ नेता हैं और मैं इन सभी का सम्मान करता हूं।"
हालांकि, पंजाब कांग्रेस ने 'एक्स' पर पंजाबी में किए गए एक पोस्ट में कहा कि मोहाली में हुई बैठक 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में थी।
पोस्ट के मुताबिक, "2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी टीम और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान चुनावी रणनीति, संगठन को और मजबूत करने के उपायों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।"
इससे पहले शनिवार को वडिंग ने प्रदेश कांग्रेस में बगावत की खबरों को खारिज कर दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने की बात से भी इनकार किया था।
वडिंग ने कहा था कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस का पूरा नेतृत्व हर शहर और गांव में साथ मिलकर "पंजाब की लड़ाई लड़ता" दिखेगा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में वडिंग को बरकरार रखने की घोषणा बीते बुधवार को की गई थी। इस दौरान 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की अलग-अलग समितियों का भी ऐलान किया गया था।
जालंधर से लोकसभा सदस्य और पार्टी के प्रमुख दलित चेहरे चन्नी को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पद पार्टी के चुनाव अभियान की रणनीति और योजना बनाने के लिहाज से बहुत अहम है।
माना जा रहा है कि चन्नी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए "नजरअंदाज" किए जाने से नाखुश हैं।
भाषा पारुल सुभाष
सुभाष
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