दिल्ली में एनडीएमसी के फ्लैट से गिरने के बाद नवविवाहिता की मौत मामले में पति गिरफ्तार
अविनाश
- 06 Jul 2026, 10:02 PM
- Updated: 10:02 PM
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के एक आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर गिरने के कारण नवविवाहिता (28) की मौत मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, पुष्प विहार निवासी आकृति शनिवार को पालिका कुंज स्थित एनडीएमसी फ्लैट्स के बी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उसने बताया कि आकृति की शादी इसी वर्ष 24 अप्रैल को हुई थी। वह छतरपुर स्थित एक निजी कंपनी में 'सेल्स एग्जीक्यूटिव' के पद पर कार्यरत थी। आरोपी की पहचान अरस्तु सिक्का के तौर पर हुई है।
परिवार वालों के मुताबिक, अरस्तू की आकृति से मुलाकात अपनी बहन अगस्तिका के ज़रिए हुई थी, जो पीड़िता के स्कूल के समय की दोस्त थी।
पीड़िता की मां, अनुसय सुतार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ 20 लाख रुपये के अतिरिक्त दहेज के लिए मारपीट की गई, नौकरी दोबारा शुरू करने की उसकी मांग पर उसे प्रताड़ित किया गया और बच्चे के लिए दबाव बनाया गया।
उसकी मां ने आरोप लगाया "मेरी बेटी के ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग कर रहे थे। वे 20 लाख रुपये मांग रहे थे। मेरी बेटी बहुत हिम्मत वाली थी। वह खुदकुशी नहीं कर सकती। यह खुदकुशी नहीं है। यह सोची-समझी हत्या है।"
शुरुआती जांच में आकृति के बाएं हाथ और पैर पर चोटें पाई गईं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि ये चोटें गिरने की वजह से लगीं या कथित हमले के कारण।
पीड़ित परिवार ने बताया कि शादी से पहले आकृति ने अपने ससुराल वालों को साफ तौर पर बता दिया था कि वह शादी के बाद भी अपनी नौकरी जारी रखेगी क्योंकि वह अपने परिवार का सहारा बनना चाहती थी। जोड़े का शादी से पहले दो साल तक प्रेम प्रसंग था।
मां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया, "लेकिन शादी के बाद अरस्तु का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। जब मेरी बेटी ने अपनी नौकरी पर वापस जाने की कोशिश की, तो उसे कई बार प्रताड़ित किया गया।"
उन्होंने कहा कि अरस्तु ने उसके चरित्र पर भी सवाल उठाए और बेल्ट से उसकी पिटाई की।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एक दिन, बहस के बाद आकृति अगस्तिका के आवास पर चली गई, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया और उस पर हमला करने का प्रयास किया।
जब पीड़िता ने अपनी मां को इस घटना के बारे में बताया, तो अगस्तिका ने कथित तौर पर कहा कि वे "उनके पारिवारिक मामलों" में हस्तक्षेप न करें।
अगस्तिका ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से कहा, "आकृति को घर का काम करने और अपने पति के लिए खाना बनाने के लिए परिवार में लाया गया है, और उसे अपनी नौकरी जारी रखने की अनुमति देने का कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था।"
शिकायतकर्ता ने कहा कि तीन जुलाई को उन्होंने अरस्तु के पिता को फोन किया और उनसे जोड़े के घरेलू विवाद में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
हालांकि वे एक ही घर में रहते थे, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर अपने बेटे के आचरण से अनभिज्ञ होने का दावा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब अरस्तु के पिता ने अपने बेटे से बात करने की कोशिश की, तो बेटे ने उन्हें गाली दी और विवाद के लिए आकृति को जिम्मेदार ठहराया।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने आकृति की 'गूगल सर्च हिस्ट्री' खंगाली है, जिसने कथित तौर पर मई में "आसानी से कैसे मरें" खोजा था।
पीड़िता के भाई दीपू ने दावा किया, "उसे चेतावनी दी गयी थी कि अगर उसने मुझे कुछ भी बताया, तो या तो मुझे नुकसान पहुंचाया जाएगा या मेरी नौकरी चली जाएगी।"
दीपू ने आरोप लगाया कि इस घटना को आत्महत्या के मामले के रूप में पेश किया जा रहा है ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
मां ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की रात अगस्तिका ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को फोन किया और उस पर आकृति को उसके मायके में छिपाने का आरोप लगाया।
शिकायत में कहा गया है कि अरस्तु ने भी परिवार पर उसे छिपाने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह किसी और के साथ भाग गई है।
परिवार ने बताया कि उन्हें आकृति की मौत के बारे में चार जुलाई को रात करीब 10 बजे पता चला, जब लोधी कॉलोनी थाने के एक अधिकारी ने उसका मोबाइल फोन उठाया और उन्हें थाने आने के लिए कहा।
हालांकि, उसके परिवार और रिश्तेदारों ने कहा कि उन्हें कोई अंदाजा नहीं है कि वह आवासीय परिसर तक कैसे पहुंची।
पुलिस पालिका कुंज अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह देखा जा सके कि आकृति के साथ कोई था या वह वहां अकेली आई थी।
पुलिस ने एक अधिकारी ने बताया, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला ने उस इलाके में जाने का फैसला क्यों किया। घटना से पहले उसकी गतिविधियों और संपर्कों को स्थापित करने के लिए उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।"
पुलिस ने बताया कि मौत शादी के सात साल के भीतर हुई है, इसलिए उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) द्वारा अनिवार्य वैधानिक जांच (इनक्वेस्ट कार्यवाही) की गई।
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और सभी कोणों से जांच की जा रही है।
अरस्तु और उसकी बहन अगस्तिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), 85 (महिला के पति या पति के रिश्तेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना) और 3(5) (समान मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश
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