राम मंदिर में चढ़ावे की 'चोरी' पर विपक्षी नेताओं के दावों की जांच करे पुलिस: विहिप
रंजन
- 05 Jul 2026, 02:05 PM
- Updated: 02:05 PM
नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या पुलिस को पत्र लिखकर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर कांग्रेस नेता एवं सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं द्वारा किए दावों की जांच करने और उनके द्वारा लगाए आरोपों को साबित करने के लिए उन्हें तलब करने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध विहिप ने मांग की कि यदि यह पाया जाता है कि इन नेताओं ने ''घृणा, दुर्भावना और वैमनस्य की भावना पैदा करने तथा उसे बढ़ावा देने'' के उद्देश्य से ''बेबुनियाद आरोप'' लगाए हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मामले के जांच अधिकारी और अयोध्या के पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष तिवारी को चार जुलाई को लिखे पत्र में कहा कि इन नेताओं ने कुछ विशेष आरोप लगाए हैं, जिन्हें टेलीविजन चैनलों, सोशल मीडिया मंचों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए व्यापक पैमाने पर प्रसारित किया गया है।
उन्होंने जांच अधिकारी से इन नेताओं को बुलाकर उनके दावों का तथ्यात्मक आधार, सूचना का उनका स्रोत और आरोपों के समर्थन में मौजूद दस्तावेज या अन्य सामग्री पेश करने के लिए कहने का आग्रह किया।
कुमार ने कहा कि इन नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कुछ विशेष आरोप लगाए हैं और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े निश्चित आंकड़े भी बताए हैं।
पत्र में कहा गया, ''उपरोक्त और अन्य व्यक्तियों द्वारा लगाए गए आरोपों से यह विश्वास होता है कि वे मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हैं।''
कुमार ने उनके सार्वजनिक बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने सवाल किया था कि क्या केवल कनिष्ठ कर्मचारी ही सीसीटीवी कैमरे बंद कर हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे में हेरफेर कर सकते थे या इसमें प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं।
कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भगवान राम की माला, चरण पादुका, हीरे, आभूषण, चांदी की ईंटें और दीपक के अलावा करीब 200 करोड़ रुपये की नकदी चोरी हुई है तथा उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की चुप्पी पर भी सवाल उठाया था।
पत्र में मंदिर में चढ़ाई गई नकदी और कीमती वस्तुओं की ''चोरी'' को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव और 'आप' सांसद संजय सिंह द्वारा कथित रूप से दिए गए सार्वजनिक बयानों का भी उल्लेख किया गया है।
कुमार ने कहा कि निष्पक्ष, व्यापक और पक्षपात रहित जांच सुनिश्चित करने के लिए लागू कानूनी प्रावधानों के तहत इन लोगों को उपस्थित होने के लिए कहना या उनके बयान दर्ज करना उचित होगा, ताकि वे अपने आरोपों का तथ्यात्मक आधार, सूचना का स्रोत और उनके पास मौजूद सभी दस्तावेज या अन्य सामग्री का खुलासा कर सकें।
पत्र में कहा गया, ''यदि उपरोक्त व्यक्तियों में से कोई अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री पेश करता है तो निस्संदेह इससे जांच एजेंसी को सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी।''
इसमें कहा गया कि यदि जांच के दौरान आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार या उनके समर्थन में कोई सामग्री नहीं मिलती है तो यह भी जांच का एक प्रासंगिक पहलू होगा।
भाषा सिम्मी रंजन
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