भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने की 'खतरनाक साजिश' : भाजपा ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना
सुरेश
- 03 Jul 2026, 09:33 PM
- Updated: 09:33 PM
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को लिखे गये पत्र को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए इसे भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने की ''खतरनाक साजिश'' करार दिया है।
पार्टी के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी दलों द्वारा प्रधान न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों से कहा, ''इस कदम के साथ उन्होंने लोकतंत्र पर हमला करने का एक और असफल प्रयास किया है। भाजपा इसकी घोर निंदा करती है।''
कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा शासन के दौरान लोकतंत्र ''सबसे गंभीर खतरे'' का सामना कर रहा है। यह बयान विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और जवाबदेही बहाल करने के लिए उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग किए जाने के कुछ दिनों बाद आया।
प्रधान न्यायाधीश को लिखे पत्र में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा था कि ''जब संस्थागत तंत्र विफल हो जाता है, तो लोकतंत्र अराजकता में बदल जाता है'' और ''जब न्यायपालिका विफल होती है, तो यह गणराज्य के पूर्ण विघटन का संकेत होता है।''
विपक्षी दलों ने मांग की थी कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को तत्काल स्थगित किया जाए और इसे ऐसे समय शुरू किया जाए, जब अगला विधानसभा चुनाव होने में कम से कम पांच वर्ष शेष हों।
उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया था।
प्रधान न्यायाधीश को लिखे गये विपक्षी दलों के पत्र की कड़ी आलोचना करते हुए त्रिवेदी ने कहा, ''यह भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने की एक खतरनाक साजिश है।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''पूरी तरह से संतुलन खो चुके ये पराजित राजनीतिक दल अब अपनी हार का बदला भारत के विनाश और देश में अराजकता की कामना करके लेना चाहते हैं।''
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उनके पत्र की शैली और भाषा आपातकाल के दौर की याद दिलाती है।
त्रिवेदी ने मुख्य विपक्षी दल से पूछा, ''क्या यह सच नहीं है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा था कि केरल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण से कांग्रेस को लाभ हुआ, क्योंकि कथित तौर पर वामपंथी दलों द्वारा जोड़े गए फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे?''
भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया में ''सक्रिय और तत्परता के साथ'' भाग लेने के निर्देश दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पार्टी इसी प्रक्रिया पर ''सवाल खड़े कर रही है''।
त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं, जबकि उच्चतम न्यायालय इस प्रक्रिया को ''तर्कसंगत और वैध'' ठहरा चुका है।
उन्होंने कहा, ''वे (विपक्षी दल) इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में एक बार भी कोई तथ्यात्मक तर्क प्रस्तुत करने में विफल रहे।''
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अब भी एसआईआर पर सवाल इसलिए उठा रहे हैं, क्योंकि ''संदिग्ध मतदाताओं'' के सहारे राज्यों में ''सत्ता हासिल करने का उनका सपना'' चकनाचूर होता दिखाई दे रहा है।
भाषा
देवेंद्र सुरेश
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