एनआईए ने 2023 रामनवमी हिंसा में टीएमसी की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के पति को गिरफ्तार किया
नरेश
- 30 Jun 2026, 07:38 PM
- Updated: 07:38 PM
कोलकाता, 30 जून (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता शाकिर अली को मार्च-अप्रैल 2023 में राज्य भर में राम नवमी रैलियों के दौरान भड़काई गई सार्वजनिक हिंसा की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
शाकिर अली पार्टी की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के पति हैं।
अधिकारी ने बताया कि रिसड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या 4 के पार्षद अली को रिसड़ा में उनके घर से हिरासत में लिया गया। मंगलवार सुबह एनआईए के एक दल ने सीआरपीएफ जवानों के साथ वहां तलाशी अभियान चलाया था।
छापे के दौरान एनआईए अधिकारियों की लगभग पांच घंटे की पूछताछ में अली के जवाबों में विसंगतियां मिलने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एक अधिकारी ने कहा, ''शाकिर अली को 2023 के रिसड़ा राम नवमी हिंसा मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सक्षम अदालत में पेश किया गया। जांच जारी है और हम साजिश और हिंसा से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।''
पोद्दार के घर के बाहर उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया जब एनआईए के अधिकारी संदिग्ध को पुलिस की गाड़ी में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। अली की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद उनके समर्थकों की भारी भीड़ घर के बाहर जमा हो गई थी; उन्होंने अली को ले जाने का विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को लोगों को वहां से हटाना पड़ा।
पूर्व सांसद को भी अपने घर के बाहर पुलिस के साथ बहस करते देखा गया। आरोप है कि उन्होंने उन महिला अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिन्होंने उन्हें उस गाड़ी तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की जिसमें उनके पति को ले जाया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, यह तलाशी अभियान 2023 में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में राज्य भर में दर्ज छह मामलों के संबंध में चलाया जा रहा था। इनमें से एक मामला रिसड़ा पुलिस थाने में और दो अन्य पास के श्रीरामपुर पुलिस थाने में दर्ज किए गए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद, उस साल 27 अप्रैल को जब केंद्रीय एजेंसी ने राज्य पुलिस से जांच का जिम्मा संभाला, तब से राज्य पुलिस और बाद में केंद्रीय एजेंसी ने 50 से ज़्यादा संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है।
सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता हिंसा की साजिश रच रहे और उसे अंजाम देने में किसी बड़ी साज़िश और राजनीतिक हस्तियों की भूमिका के पहलू की जांच कर रहे हैं।
गिरफ्तारी का विरोध करते हुए, टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस चुनिंदा तौर पर उन नेताओं के खिलाफ जोर जबरदस्ती का इस्तेमाल कर रही है जो तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रति वफादार रहे हैं।
उन्होंने कहा, "पुलिस उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जिन्हें पार्टी के बागी गुट में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अगर उन्हें गिरफ्तार भी किया जाता है, तो उन्हें जमानत मिल जाती है।"
उन्होंने आरोप लगाया, "अपरूपा पोद्दार हमेशा से ममता बनर्जी की वफ़ादार रही हैं और वह अपने इलाके में पार्टी को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही थीं। इसीलिए उनके पति को निशाना बनाया गया।"
आरामबाग से दो बार तृणमूल की सांसद रहीं अपरूपा पोद्दार को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने टिकट नहीं दिया था।
हालांकि, भाजपा का कहना है कि 2023 की हिंसा में अली की भूमिका कोई छिपी हुई बात नहीं है, लेकिन इस मामले में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश
3006 1938 कोलकाता