कर्नाटक में मंगलवार को गणना प्रपत्रों के वितरण के साथ एसआईआर प्रक्रिया की होगी शुरुआत
नरेश
- 29 Jun 2026, 07:12 PM
- Updated: 07:12 PM
बेंगलुरु, 29 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ)वी. अंबुकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून को बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करने के साथ शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए पात्रता तारीख एक अक्टूबर, 2026 है।
सीईओ ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बीएलओ 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर दौरा करेंगे। उन्होंने बताया कि मसौदा मतदाता सूची पांच अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
अंबुकुमार ने कहा कि दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक होगी, जबकि जहां भी ज़रूरी हो, नोटिस जारी किए जाएंगे और दावों व आपत्तियों का निस्तारण पांच अगस्त से तीन अक्टूबर के बीच किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
सीईओ ने बताया, ''कर्नाटक का पूरा सरकारी तंत्र इस प्रक्रिया के लिए तैयार है। हमने 68,123 अधिकारियों को तैनात किया है, जिनमें 59,050 बूथ स्तरीय अधिकारी, 7,556 बूथ स्तरीय पर्यवेक्षक और 224 चुनावी पंजीकरण अधिकारी शामिल हैं।''
उन्होंने कहा, '' सीईओ से लेकर ज़िला-स्तर तक के अधिकारियों को इस प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया गया है।''
अंबुकुमार ने बताया कि राजनीतिक दलों ने करीब 1.15 लाख बूथ-स्तरीय एजेंट नियुक्त किए हैं, जिनमें से ज़्यादातर को प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''हमने 16 जून, 2026 तक मतदाता सूची में शामिल 5.54 करोड़ से अधिक मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र मुद्रित किए हैं। ये प्रपत्र मतदान केंद्रों पर बीएलओ को सौप दिए गए हैं।''
सीईओ ने कहा, ''हमारे बीएलओ 30 जून से 29 जुलाई तक उन सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र देंगे जिनके नाम 2026 की मतदाता सूची में शामिल हैं।''
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अनुरोध किया कि वे गणना प्रपत्र पर अपनी नवीनतम तस्वीर चस्पा करें, ज़रूरी जानकारी भरें, उन पर हस्ताक्षर करें और उन्हें संबंधित बीएलओ को लौटा दें।
उन्होंने कहा, ''कर्नाटक में हमने पहले ही 91.61 प्रतिशत मतदाताओं का आधार वर्ष की मतदाता सूची से मिलान कर लिया है। एसआईआर 2026 के लिए 16 जून, 2026 तक मतदाता सूची में दर्ज नाम को शामिल किया जाएगा। उस तारीख को कर्नाटक में कुल मतदाताओं की संख्या 55,432,314 थी। इनमें से हमने पहले ही 91.61 प्रतिशत का मिलान कर लिया है।''
उन्होंने कहा, ''विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर, 126 निर्वाचन क्षेत्रों में 95 प्रतिशत से ज़्यादा मतदाताओं के नाम का मिलान करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जबकि 224 में से 173 निर्वाचन क्षेत्रों में 90 प्रतिशत से ज़्यादा मिलान करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह प्रक्रिया जारी है और जुलाई के आखिर तक चलती रहेगी।''
सीईओ ने बताया कि बीएलओ को दो तरह के स्टिकर दिए गए हैं—एक चौकोर स्टिकर होगा जो इंगित करेगा कि गणना प्रपत्र मतदाता को पहुंचा दिया गया है, और बंद घरों के लिए एक लाल स्टिकर चस्पा किये जांएगे, जिस पर बीएलओ के अगली बार आने की तारीख लिखी होगी।
सीईओ कर्नाटक की वेबसाइट पर प्रकाशित बीएलओ की जानकारी में अनियमितता के कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा, ''हमने अपनी वेबसाइट पर जानकारी अपलोड कर दी है और उसे पहले ही अद्यतन भी कर दिया है। अगर कोई गलती है, तो हम उसे ठीक कर देंगे। हालांकि, मुझे भरोसा है कि हमने सही जानकारी देने की पूरी कोशिश की है।''
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बृहद बेंगलुरु प्राधिकरण के वार्ड में 'समानांतर' एसआईआर प्रक्रिया करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों पर अंबुकुमार ने कहा, ''मैं केवल भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया पर ही टिप्पणी कर सकता हूं। मैं राज्य चुनाव आयोग द्वारा की जा रही किसी भी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं कर सकता।''
भाषा धीरज नरेश
नरेश
2906 1912 बेंगलुरु