आपातकाल के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानी स्वतंत्रता सेनानियों के समान : मोहन यादव
ब्रजेन्द्र रवि कांत
- 26 Jun 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
भोपाल, 26 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाने वालों की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों से करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हीं के संघर्ष के कारण आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है और एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सका है।
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की चौथी पीढ़ी आज राजनीति में है, लेकिन विचारधारा और नीतियों में कांग्रेस न तब बदली थी और न अब बदली है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई के समान है। उनके संघर्ष के कारण आज लोकतंत्र सुरक्षित है। इसी वजह से गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री है। मुझे गर्व है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।''
उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया था। इस दौरान कई नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को जेल भेजा गया था तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश में आपातकाल लगाए जाने की बरसी को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाती है।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। उन्होंने आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले 96 वर्षीय लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय शांति लाल संघवी और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का अभिनंदन किया।
मोहन यादव ने कहा, "हमारे देश के आजाद होने के बाद कई राष्ट्र आजाद हुए। जापान तो द्वितीय विश्वयुद्ध में करीब-करीब खत्म हो गया था, लेकिन वो देश आज कहां हैं और हमारा देश कहां है।"
उन्होंने कहा, "इंदिरा गांधी की आज चौथी पीढ़ी मैदान में हैं, लेकिन विचारधारा और नीति में कांग्रेस न तब सुधरी थी, न अब सुधरी है।"
यादव ने कहा कि आपातकाल के दौरान चुनौती भरा माहौल था जब घर के मुखिया को उठाकर सीधे जेल में बंद कर दिया जाता था।
उन्होंने कहा, "इसके बाद न वकील, न अपील, न दलील। किसी को कुछ पता नहीं होता था कि क्या होगा। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, कौन घर देखेगा, कौन फीस भरेगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीसाबंदियों से कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे।
यादव ने कहा कि आज भारत देश प्रगति कर रहा है जबकि साथ ही आजाद हुए पाकिस्तान में लोकतंत्र बेहाल है।
उन्होंने कहा, "आज के समय में लोकंतत्र की मशाल को जलाए रखना, हमारे लिए जरूरी है। कांग्रेसी हाथ में संविधान की किताब लेकर बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी ने किया है, तो वो कांग्रेस ही है। उनकी पांच पीढ़ियों ने दुरुपयोग किया है। वो किस मुंह संविधान की बात करते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने केवल एक परिवार को आगे बढ़ाया, बाकी लोगों को दबा दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शासन करने का बहुत लंबा समय मिला, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 10-12 साल का समय मिला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में इतने काम हुए कि आज देश दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की सूची में शुमार है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे विशाल परिवार का हिस्सा हैं और यह परिवार तब-तब कसौटी पर खरा उतरा है, जब-जब देश को जरूरत पड़ी है।
उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए एक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव, कस्बों में शिलालेख स्थापित करने के साथ ही स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल के मैदानों के नाम भी उनके नाम पर रखे जाने का एलान किया।
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे और उन्होंने मीसाबंदियों की पीड़ा को करीब से देखा है।
उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं क्योंकि लोकतांत्रिक संस्थाओं में उसकी कोई आस्था नहीं थी।
पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार रुपये की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।
भाषा
ब्रजेन्द्र रवि कांत
2606 1839 भोपाल