विजयन की बेटी धन शोधन मामले में दूसरी बार ईडी के समक्ष पेश हुईं
अमित
- 25 Jun 2026, 12:33 PM
- Updated: 12:33 PM
कोच्चि, 25 जून (भाषा) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी अब बंद हो चुकी अपनी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और सीएमआरएल से जुड़े धन शोधन मामले में बृहस्पतिवार को कोच्चि में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष दूसरी बार पेश हुईं।
सूत्रों के मुताबिक, वीणा सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर यहां ईडी के दफ्तर पहुंचीं।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले के संबंध में उनसे 17 जून को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
सूत्रों ने बताया कि हालांकि शुरू में उन्हें 29 जून को फिर से पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन बाद में तारीख बदल दी गई और वह बृहस्पतिवार को एजेंसी के सामने पेश हुईं।
जांच के सिलसिले में 19 जून को ईडी अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम में वीणा का बैंक लॉकर खंगाला था।
ईडी सूत्रों के अनुसार, उनके पहले के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण करने के बाद आगे पूछताछ जरूरी समझी गई।
ईडी ने हाल के हफ्तों में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की है।
एजेंसी इन आरोपों की जांच कर रही है कि सीएमआरएल ने वीणा के स्वामित्व वाली एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं ली गई।
ईडी के अनुसार, सीएमआरएल प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था द्वारा संचालित एक अन्य कंपनी 'एम्पॉवर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड' ने भी एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का ऋण दिया था, जबकि कंपनी कथित तौर पर समय पर पुन:भगतान करने में विफल रही थी।
एजेंसी का आरोप है कि वीणा और कार्था के नेतृत्व वाले सीएमआरएल प्रबंधन ने इन लेन-देन के माध्यम से ''अपराध की आय'' अर्जित की।
गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की एक अदालत में दायर एक अभियोजन शिकायत के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक मामला दर्ज किया था। एसएफआईओ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा है।
सीएमआरएल कंपनी जनवरी 2019 में आयकर विभाग के एक छापे के बाद केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आई थी। उस छापे में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था, जिसमें लगभग 130 करोड़ रुपये के कुछ ऐसे खर्च शामिल थे जिनके फर्जी होने का संदेह है।
भाषा खारी अमित
अमित
2506 1233 कोच्चि