संसदीय समिति को जम्मू कश्मीर में सीमा सुरक्षा के उपायों और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी गई
मनीषा
- 23 Jun 2026, 05:47 PM
- Updated: 05:47 PM
श्रीनगर, 23 जून (भाषा) सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति को पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
समिति के सदस्य राजीव शुक्ला ने यहां संवाददाताओं को बताया, ''आज हमारी सेना के अधिकारियों, सुरक्षा अधिकारियों और रक्षा बलों के साथ इस संबंध में बहुत अच्छी बातचीत हुई कि वे हमारी सीमाओं की सुरक्षा कैसे करते हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे बलों का प्रदर्शन कैसा रहा।''
उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए सावधानियों और तैयारियों के साथ-साथ सीखे गए सबक के बारे में भी समिति को जानकारी दी गई।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति ने रणनीतिक सीमा सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर गौर करने के लिए 22 जून को जम्मू कश्मीर और लद्दाख का चार दिवसीय अध्ययन दौरा शुरू किया।
समिति सीमा प्रबंधन और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा स्थिति के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने के लिए बुधवार और बृहस्पतिवार को कारगिल और लेह का भी दौरा करेगी।
समिति भारत के द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों, सिंधु जल संधि के स्थगन और नियंत्रण रेखा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा-पार आतंकवाद से उत्पन्न हुए खतरों पर विचार कर रही है।
यह भारत-चीन संबंधों और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
थरूर ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर में ''सामान्य स्थिति की ओर प्रगति'' के संबंध में टिप्पणी की थी। इसके लिए उन्हें कांग्रेस नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, थरूर ने स्पष्ट किया कि समिति घाटी की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में नहीं है और इसका ध्यान विदेश मामलों से संबंधित मुद्दों तक सीमित है, जिसमें भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंध तथा पासपोर्ट सेवाएं शामिल हैं।
शुक्ला ने मंगलवार को कहा कि इस संसदीय समिति के दौरे का उद्देश्य पाकिस्तान के साथ देश के संबंधों का मुद्दा है। उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान सीमा पर हमें क्या करना चाहिए और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हमें आगे क्या कदम उठाने चाहिए? सेना के अधिकारियों ने हमें इस बारे में और भविष्य की जरूरतों के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि स्थानीय आबादी का भरोसा जीतने के लिए यहां कैसे काम किया जा रहा है।''
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के संबंध में कांग्रेस सांसद ने कहा कि टकराव के कारण भारत को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, ''इस टकराव की वजह से हमें और पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है। इसलिए जितनी जल्दी इसका समाधान हो जाए और शांति कायम हो जाए, उतना ही हमारे और सब के लिए बेहतर होगा।''
शुक्ला ने कहा कि भारत चाहता है कि जल्द से जल्द शांति स्थापित हो।
उन्होंने कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से हमें फायदा होगा। जब यह खुला रहता था, तो हमारे लगभग 300-400 जहाज वहां से आते-जाते थे, लेकिन अभी बहुत कम जहाज ही आ रहे हैं। अगर यह खुल जाता है, तो हमारा ऊर्जा संकट खत्म हो जाएगा।''
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा
2306 1747 श्रीनगर