कॉजपा प्रदर्शन तीसरे दिन की ओर अग्रसर : दीपके ने किसानों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की
नरेश
- 21 Jun 2026, 10:36 PM
- Updated: 10:36 PM
नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में जारी आंदोलन के दूसरे दिन रविवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से भी समर्थन की अपील की तथा कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा एवं इसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन, दीपके ने किसान संगठनों से समर्थन मांगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
दीपके ने कहा, ''विरोध प्रदर्शन कल भी जारी रहेगा और भीड़ बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया है और वे कल हमारे साथ शामिल होंगे।''
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवान प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों को पानी और केले देने वाले लोगों से आधार कार्ड की जानकारी और उनके पते मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''दिल्ली पुलिस उन लोगों से आधार कार्ड की जानकारी और पते मांग रही है जो विरोध स्थल पर (प्रदर्शनकारियों को) पानी और केले दे रहे हैं। इस सरकार ने दिल्ली पुलिस को किस हाल में पहुंचा दिया है?''
इस आरोप का जवाब देते हुए, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा तैनाती बनी रहेगी और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
अधिकारी ने कहा, ''जंतर-मंतर विरोध स्थल पर तैनाती जारी रहेगी। हमारे पास प्रदर्शनकारियों के बारे में पूरी जानकारी है और किसी को भी कानून-व्यवस्था तोड़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।''
अधिकारी ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों के आधार विवरण की पुष्टि की जा सकती है।
किसान समुदाय से अपील करते हुए दीपके ने कहा कि छात्र किसानों के आंदोलनों के दौरान उनके साथ खड़े रहे थे और वे अब भी वैसी ही एकजुटता की उम्मीद करते हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं पूरे भारत के किसानों से अपील करता हूं कि वे आएं और जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़े हों।'' उन्होंने आगे कहा कि जब किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, तब छात्रों ने उनका समर्थन किया था।
रविवार शाम तक, विरोध स्थल पर सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। प्रदर्शन में शामिल होते हुए कई समर्थकों ने तालियां बजाईं, डफली बजाई और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' गीत गाया।
कॉजपा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ''जब तक प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते, हम यहां से नहीं हटेंगे। अगर सरकार को लगता है कि थकान से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो वह गलतफहमी में है। यह विरोध प्रदर्शन और भी बड़ा होगा।''
कॉजपा संस्थापक ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से कहा कि वे अपनी परीक्षा पूरी करने के बाद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।
उन्होंने कहा, ''हम डटे हुए हैं, लेकिन आपके समर्थन के बिना यह आंदोलन सफल नहीं होगा।''
शनिवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषणा की कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते हैं, तो वह 27 जून को भूख हड़ताल करेंगे।
कथित पेपर लीक और सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा द्वारा आयोजित यह दूसरा विरोध प्रदर्शन है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए दी गई अनुमति की समयसीमा शनिवार शाम पांच बजे समाप्त हो गई है तथा उसने प्रदर्शनकारियों को स्थल खाली करने के लिए भी कहा, इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
दीपके ने पुलिस से विरोध प्रदर्शन के लिए एक अलग स्थल आवंटित करने को कहा है लेकिन तब तक वे जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट में पुलिस से लोगों को जंतर-मंतर आने से नहीं रोकने की अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं और वे केवल उन छात्रों के लिए न्याय मांग रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या की है।
इसके साथ ही दीपके ने अधिकारियों से मौके पर सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति बहाल करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने दावा किया कि शनिवार रात से वहां पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले आरोप लगाया था कि विरोध स्थल की बत्तियां बंद कर दी गई थीं और पानी, भोजन तथा शौचालयों तक उनकी पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
हालांकि, उन्होंने बाद में बताया कि पीने के पानी की पहुंच बहाल कर दी गई और बत्तियां वापस चालू कर दी गईं।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात दीपके और प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल खाली करने का निर्देश देते हुए कहा था कि धरने की अनुमति केवल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए दी गई थी।
पुलिस ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रदर्शन जारी रखना अनुमति की शर्तों का उल्लंघन है। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि ऐसा जारी रहने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रात बढ़ने के साथ ही दीपके और प्रदर्शनकारी स्थल पर डटे रहे, जिससे यह प्रदर्शन रातभर चलने वाले धरने में तब्दील हो गया।
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