सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर सांसद ओमप्रकाश राजे ने पूछा, मेरे पिता की हत्या किसने की
दिलीप
- 20 Jun 2026, 08:40 PM
- Updated: 08:40 PM
पुणे, 20 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शनिवार को सवाल किया कि सीबीआई अदालत में जिन लोगों पर मुकदमा चला उनमें से अगर कोई भी दोषी नहीं था, तो उनके पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पवनराजे निंबालकर की हत्या किसने की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती जांच करने वाली पुलिस, इस मामले में आरोपी और पूर्व गृह मंत्री पदमसिंह पाटिल के दबाव में थी।
नवी मुंबई में अपने पिता और उनके चालक की हत्या के 20 साल बाद आए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ''अच्छे लोग, जो सही ढंग से रहते और व्यवहार करते हैं, उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। यह 'कलयुग' है।''
मुंबई की एक विशेष अदालत ने शनिवार को 2006 में हुई हत्या के मामले में पदमसिंह पाटिल और सात अन्य लोगों को बरी कर दिया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष साजिश की कड़ी को साबित करने में विफल रहा।
सांसद ने कहा कि उनका परिवार इस फैसले को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ''हमने फैसले का मुख्य हिस्सा सुना है। अदालत ने माना है कि राजनीतिक दुश्मनी थी और राज्य पुलिस की जांच में कमियां भी बताई हैं। उस समय, पुलिस पर पदमसिंह पाटिल का दबाव था, जो राज्य के गृह मंत्री रह चुके हैं।''
सांसद ने बताया कि उनके परिवार की ओर से उच्च न्यायालय से जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का अनुरोध करने के बाद लगभग तीन साल बाद यह मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपा गया।
धाराशिव के सांसद ने कहा, ''सीबीआई ने बारीकी से जांच की। जब हमें लिखित फैसला मिल जाएगा और हम उसका अध्ययन कर लेंगे, तो हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। मेरे परिवार का बस एक ही सवाल है, अगर सभी आरोपी बरी हो गए हैं, तो पवनराजे की हत्या किसने की?''
उन्होंने कहा, ''20 वर्षों तक हम हर सुनवाई में शामिल हुए और इस उम्मीद के साथ कानूनी लड़ाई लड़ी कि दोषियों को सजा मिलेगी। हालांकि, हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम उच्च न्यायालय में कानूनी रास्ता अपनाएंगे।''
सांसद से उनकी राजनीतिक योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद दो दिनों में कोई फैसला लेंगे। निंबालकर शिवसेना (उबाठा) के उन छह बागी सांसदों में से एक हैं, जिन्होंने व्हिप के बावजूद दिल्ली में संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था और जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने वाले हैं।
उन्होंने कहा, ''मैंने कभी भी उद्धव ठाकरे या आदित्य ठाकरे के खिलाफ कुछ नहीं कहा है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करूंगा।''
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
2006 2040 पुणे