केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने पीएमओ से कैडर रिव्यू में तेजी लाने की मांग की
माधव
- 20 Jun 2026, 05:59 PM
- Updated: 05:59 PM
नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अधिकारियों के संघ ने शनिवार को अपने कैडर रिव्यू को जल्द अंतिम रूप देने की मांग की ताकि समय पर पदोन्नति सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा को लिखे एक पत्र में संघ ने कहा कि चौथे कैडर रिव्यू में साढ़े तीन साल से अधिक की देरी के कारण हर ग्रेड में करियर में तरक्की रुक गई है और अधिकारियों में चिंता बढ़ रही है।
सीएसएस अधिकारियों के संघ 'सीएसएस फोरम' ने पत्र में कहा, ''हम केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के चौथे कैडर रिव्यू को अंतिम रूप देने में हो रही लंबी देरी के मामले में आपसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। इसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अक्टूबर 2022 में एक समिति बनाई थी।''
इसमें कहा गया है कि भारत सरकार परिवर्तनकारी शासन के 12 साल पूरे करने के साथ 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण की ओर बढ़ रही है, सीएसएस मंत्रालयों और विभागों में नीति बनाने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बिठाने, योजनाओं को लागू करने और संस्थागत निरंतरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
सीएसएस फोरम के महासचिव यतेंद्र चंदेला के पत्र में कहा गया, ''केंद्रीय सचिवालय की प्रशासनिक रीढ़ के तौर पर, सीएसएस अधिकारियों ने सरकार के कामकाज को प्रभावी बनाने और उसकी प्रमुख पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में लगातार योगदान दिया है।''
उन्होंने कहा कि समय पर कैडर का पुनर्गठन न केवल मनोबल बनाए रखने के लिए ज़रूरी है, बल्कि एक प्रेरित और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है, जो शासन की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो।
संघ ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के शीर्ष अधिकारी से कहा कि वे 'इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और चौथे कैडर रिव्यू को जल्द अंतिम रूप देने में मदद करें'।
पत्र में कहा गया है कि ऐसा कदम न केवल सीएसएस अधिकारियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि सरकार के विकास एजेंडे को समर्थन देने वाले प्रशासनिक तंत्र को भी और मजबूत करेगा।
विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में 13,000 से अधिक सीएसएस अधिकारी काम कर रहे हैं। मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, हर कैडर का रिव्यू हर पांच साल में एक बार किया जाना चाहिए।
एक सीएसएस अधिकारी ने आरटीआई के जवाबों का हवाला देते हुए कहा कि लगभग 23 मंत्रालयों/विभागों ने 2,601 अतिरिक्त सीएसएस पदों की जरूरत बताई है, और सभी मंत्रालयों से जानकारी मिलने के बाद यह संख्या 5,000 से अधिक होने की उम्मीद है।
सीएसएस फोरम के मीडिया सलाहकार गोमेश परमुवल ने कहा कि कई अन्य सेवाओं के कैडर रिव्यू पूरे हो चुके हैं, लेकिन लंबी देरी के कारण बड़ी संख्या में सीएसएस अधिकारी बिना पदोन्नति पाएं ही सेवानिवृतत् हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सीएसएस अधिकारियों के लिए पहला और दूसरा कैडर रिव्यू क्रमशः 2003 और 2008 में किया गया था। तीसरी कैडर रिव्यू कमेटी ने 2013 में अपनी रिपोर्ट सौंपी और उसकी सिफारिशें 2017 में लागू की गईं।
चौथा कैडर रिव्यू 2018 में होना था और इसके लिए 2022 में एक समिति बनाई गई थी। कार्यरत सीएसएस अधिकारी परमूवल ने बताया कि समिति की रिपोर्ट जमा कर दी गई है और सीएसएस अधिकारी पीएमओ से मंज़ूरी मिलने के बाद इसके लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
भाषा संतोष माधव
माधव
2006 1759 दिल्ली