जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ का मसौदा दस्तावेज दाखिल किया, चार अरब डॉलर जुटाने की योजना
रमण
- 19 Jun 2026, 08:31 PM
- Updated: 08:31 PM
मुंबई, 19 जून (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए शुक्रवार को मसौदा दस्तावेज दाखिल किया। इस निर्गम के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है जिससे इसका मूल्यांकन लगभग 137 अरब डॉलर आंका गया है।
बाजार नियामक सेबी के समक्ष दाखिल मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, कंपनी 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो निर्गम के बाद की चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा।
यह पेशकश रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि समूह अपने इस दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी कारोबार से मूल्य सृजन करना चाहता है। कंपनी के लिए यह कारोबार 2016 में शुरुआत के बाद से ही वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में प्रस्तावित सूचीबद्धता यह दर्शाएगी कि भारत वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां विकसित करने में सक्षम है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में दूरसंचार, डिजिटल सेवाएं, उद्यम समाधान और उभरती प्रौद्योगिकी पहल शामिल हैं। इसकी दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) देश में सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाताओं में से एक है।
इस आईपीओ को निवेशकों का साथ मिलने की स्थिति में यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले 2024 में हुंदै मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ आया था।
देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने भी हाल में सेबी के समक्ष 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ की मंजूरी के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किया है।
कंपनी ने बताया कि निर्गम से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से उसकी दूरसंचार इकाई के कर्ज के आंशिक या पूर्ण भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल 71,529 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था।
सूत्रों ने बताया कि आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि में से करीब 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग आरजेआईएल के कर्ज चुकाने या पूर्व-भुगतान के लिए किया जाएगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने पहले भी वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं निजी इक्विटी निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई है। वर्ष 2020 में कंपनी ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा से 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 43,574 करोड़ रुपये और गूगल से 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 33,737 करोड़ रुपये जुटाए थे।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में इसके ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही, जिनमें से 26.85 करोड़ उपयोगकर्ता 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं।
कंपनी ने अपनी भविष्य की रणनीति के तहत 2030 तक पूरे ग्राहक आधार को 5जी नेटवर्क पर स्थानांतरित करने, ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित सेवाओं को बढ़ाने की योजना बनाई है।
यह निर्गम रिलायंस समूह का लगभग दो दशकों में पहला सार्वजनिक निर्गम होगा और इसे कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मूल्य सृजन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण
1906 2031 मुंबई