डोपिंग के ख़िलाफ़ लड़ाई में शामिल हुए चोपड़ा, आईओए के साथ जागरूकता अभियान शुरू किया
पंत
- 19 Jun 2026, 01:02 PM
- Updated: 01:02 PM
नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) डोपिंग के खिलाफ भारत की लड़ाई को शुक्रवार को बड़ी मजबूती मिली जब भाला फेंक के सुपरस्टार नीरज चोपड़ा ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के साथ मिलकर इस समस्या के खिलाफ एक जागरूकता अभियान शुरू किया।
यहां आईओए के दूसरे खिलाड़ी फोरम में आईओए के सीईओ रघुराम अय्यर ने घोषणा की कि संस्था ने 'साफ-सुथरे खेल अभियान' के लिए नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
डाइमंड लीग में हिस्सा लेने के लिए अभी दोहा में मौजूद चोपड़ा का एक वीडियो संदेश दिखाया गया जिसमें दो बार के ओलंपिक पदक विजेता ने बताया कि उन्होंने यह पहल क्यों शुरू की। भारत अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की कोशिश कर रहा है और डोपिंग का खराब रिकॉर्ड देश की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
चोपड़ा ने कहा, ''मैंने देखा है कि बच्चे बड़े पदक जीतने के लिए डोपिंग के जरिए अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं। लेकिन अपनी कहानी से मैं आपको बता सकता हूं कि मुझे ओलंपिक पदक (तोक्यो 2021 में स्वर्ण और पेरिस 2024 में रजत) तक पहुंचने में 10 साल लगे।''
उन्होंने कहा, ''खेलों में कुछ हासिल करने के लिए सब्र की जरूरत होती है। मैं देख रहा हूं कि आज के बच्चों में इसकी कमी है। वे चीजें जल्दी हासिल करना चाहते हैं। एक साल में ही 80 मीटर का लक्ष्य पार करना चाहते हैं। ऐसा करने में पांच साल लगते हैं।''
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब भारत पिछले तीन वर्षों से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की डोपिंग के सबसे अधिक मामलों वाली सालाना सूची में सबसे ऊपर रहा है।
कुछ हफ्ते पहले 'एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट' (एआईयू) ने देश को डोपिंग के मामले में 'अधिक जोखम वाला' देश माना था। हाल ही में भारत दौरे पर आए वाडा ध्यक्ष विटोल्ड बांका ने साफ तौर पर कहा कि भारत में डोपिंग की गंभीर समस्या है, भले ही इसे दूर करने की कोशिशें की जा रही हों।
इस पहल का मकसद डोपिंग रोधी नियमों की समझ को बेहतर बनाना, अनजाने में होने वाले डोपिंग उल्लंघनों के जोखिम को कम करना और 'खेल के हर स्तर पर ईमानदारी और निष्पक्ष खेल की संस्कृति' को बढ़ावा देना है।
अय्यर ने कहा कि यह अभियान अलग-अलग खेलों और उम्र के खिलाड़ियों के लिए 'साफ-सुथरे खेल' की जानकारी को अधिक सुगम, समझने लायक और असरदार बनाने के लिए खिलाड़ियों की कहानियों, डिजिटल शिक्षा उपकरण, कार्यशाला और जमीनी स्तर पर जुड़ने वाले कार्यक्रमों का इस्तेमाल करेगा।
चोपड़ा ने अपने संदेश में कहा, ''अपने सफर के दौरान मैंने सीखा है कि सफलता कभी रातों-रात नहीं मिलती। यह बरसों के अनुशासन, त्याग और लगातार सही काम करने से मिलती है।''
उन्होंने कहा, ''साफ-सुथरे खेल का मतलब सिर्फ नियम ही नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए एक आरामदायक और सुरक्षित माहौल बनाना भी है जहां वे सप्लीमेंट और प्रदर्शन के दबाव के बारे में अपने संदेह दूर कर सकें। यह डोपिंग के खिलाफ एक संवेदनशील पहल हो सकती है।''
खेल मंत्रालय मौजूदा डोपिंग रोधी कानून में बदलाव करके प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति और खरीद को अपराध घोषित करने की योजना बना रहा है जिससे कि इस समस्या से सख्ती से निपटा जा सके।
आईओए और चोपड़ा की यह संयुक्त पहल पिछले छह महीनों से तैयार की जा रही थी।
हरियाणा के इस सुपरस्टार के करीबी एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने ही आईओए से संपर्क करने की पहल की थी और आईओए ने उनकी योजना का गर्मजोशी से स्वागत किया। पता चला है कि चोपड़ा पिछले एक साल से इस योजना पर विचार कर रहे थे क्योंकि डोपिंग के मामलों से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को जो नुकसान हो रहा था उसे लेकर वह चिंतित थे।
आईओए की अध्यक्ष पीटी उषा ने पीटीआई के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ''करीब छह महीनों तक हमने उनसे बातचीत की क्योंकि वह एक कामयाब खिलाड़ी हैं। लोगों और खिलाड़ियों को उन पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने ओलंपिक पदक जीता है और दिखाया है कि कड़ी मेहनत करनी चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''डोपिंग का असर अस्थाई होता है। हमें उस व्यक्ति पर भरोसा करना चाहिए जिसने पहले ही कामयाबी हासिल की है। हम उनका शत प्रतिशत समर्थन कर रहे हैं। यह एक संयुक्त प्रयास है क्योंकि हम भी कुछ करना चाहते हैं और यह बहुत अच्छी बात है कि एक असली चैंपियन आगे आया है।''
वर्ष 2023 में स्थापित नीरज चोपड़ा फाउंडेशन का मकसद स्थानीय ट्रेनिंग सुविधाओं को बेहतर बनाकर युवा खिलाड़ियों को कोष देकर और उन्हें खेल विज्ञान, सही पोषण और चोट से बचाव के बारे में जानकारी जैसे संसाधन उपलब्ध कराकर खेलों को सबके लिए सुलभ बनाना है।
भाषा सुधीर पंत
पंत
1906 1302 नयी दिल्ली