कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों को महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने के लिए उकसाया: रीजीजू
नरेश
- 18 Jun 2026, 06:38 PM
- Updated: 06:38 PM
नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने को बहुत निराशाजनक बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि देश की महिलाओं को न्याय जरूर मिलेगा जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बार-बार कहा है।
संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन बहुत अहम है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह दूसरे दलों को इस विधेयक का विरोध करने के लिए 'उकसा' रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जो लोग संविधान संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे थे, वे 'समझदारी' दिखाएंगे और इसका समर्थन करेंगे।
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की संवैधानिक जरूरत होती है और सरकार सभी विपक्षी दलों से ईमानदारी से अपील करती है कि वे सरकार के सभी विधेयकों का समर्थन करें।
मंत्री ने कहा कि विधेयकों को पारित कराने के लिए सभी दलों से समर्थन मांगना सरकार का कर्तव्य है, लेकिन इसे कैसे पारित किया जाए और कब पारित किया जाए, इस पर बाद में चर्चा की जाएगी।
महिला आरक्षण बिल पर सरकार के आगे के कदम के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा, ''मैंने कहा था कि जब महिला आरक्षण विधेयक विफल हो गया था, तो हम बहुत दुखी थे। हमें दुख था कि विधेयक पास नहीं हो सका क्योंकि इसके लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया। लेकिन प्रधानमंत्री ने कई बार कहा है कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत की महिलाओं को न्याय मिले, क्योंकि यह देश की 50 प्रतिशत आबादी से जुड़ा मामला है। इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करना मेरा कर्तव्य है कि वे सभी विधेयकों का समर्थन करें, क्योंकि ये सभी विधेयक हमारे लिए जरूरी हैं।''
यह पूछे जाने पर कि क्या महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा लाने के लिए दूसरी राजनीतिक पार्टियों के साथ कोई अनौपचारिक बातचीत हुई है, मंत्री ने कहा कि ऐसी किसी अनौपचारिक बातचीत की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने उनसे सीधे तौर पर अपील की है।
उन्होंने कहा, ''जब हम उनसे मिले - उन सभी से - तो कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी थी जिसने विपक्षी पार्टियों को सरकार द्वारा बुलाई गई बातचीत की बैठक में शामिल न होने के लिए उकसाया। हमने समाजवादी पार्टी समेत सभी अहम पार्टियों के साथ बैठक की थी, और असल में हमने जो प्रस्ताव उनके सामने रखा था, उस पर वे काफी हद तक सहमत थे और उन्होंने उसकी तारीफ़ भी की थी। हमने उन्हें जानकारी दी थी।
रीजीजू ने कहा, ''लेकिन हो सकता है कि वे कांग्रेस के दबाव में आ गए हों और इसलिए बिल का समर्थन न करने का फ़ैसला किया हो। लेकिन मुझे उम्मीद है कि भविष्य में सभी को समझ आएगी और वे महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेंगे।''
मोदी सरकार को 17 अप्रैल को एक झटका लगा था, जब 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाकर 816 करने वाला संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
1806 1838 दिल्ली