खाद, डीजल संकट से परेशान मध्यप्रदेश के किसान, विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करे सरकार: कांग्रेस
जोहेब
- 15 Jun 2026, 07:46 PM
- Updated: 07:46 PM
भोपाल, 15 जून (भाषा) कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में खाद और डीजल की भारी किल्लत होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से किसानों को हो रही परेशानियों के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री यादव को एक पत्र लिखकर यह आरोप भी लगाया कि खरीफ सत्र से पहले राज्य के किसान खाद और डीजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
उन्होंने जिलावार खाद भंडारण और वितरण की दैनिक रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने और सभी संभागों में किसानों के लिए आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने की मांग भी की।
यादव को लिखे पत्र में पटवारी ने कहा, "मध्यप्रदेश का किसान मानसून के स्वागत की तैयारी खेतों में नहीं, बल्कि खाद की कतारों में खड़े होकर कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "खरीफ सीजन शुरू हो चुका है, बादल प्रदेश पर मेहरबान होने के करीब हैं, धरती भी बुवाई के लिए तैयार है लेकिन सरकार इस वर्ष भी किसानों की परेशानियां बढ़ाने का काम कर रही है।"
पटवारी ने दावा किया कि खाद और डीजल का यह संकट किसी एक-दो जिले या अंचल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्यप्रदेश में है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान पूछ रहा है कि आखिर मोहन सरकार कौन चला रहा है?
उन्होंने कहा, "कृषि विभाग, सरकार का विज्ञापन विभाग या फिर अव्यवस्था का कोई अदृश्य सरकारी तंत्र। किसानों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल पा रही।"
पटवारी ने कहा कि सहकारी समितियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और निर्धारित मात्रा से कम खाद दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा, "कभी अन्न उत्पादन के लिए पहचाना जाने वाला मालवा आज खाद के लिए लगीं कतारों से पहचाना जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "किसान डीजल और खाद की तलाश में लगे हुए हैं। खेत तैयार हैं, किसान तैयार हैं, मौसम तैयार है, लेकिन सरकार तैयार नहीं है।"
पटवारी ने कहा कि प्रदेश के किसान जिन संकटों का सामना कर रहे हैं, वे किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं है।
उन्होंने कहा, "खरीफ सीजन हर वर्ष आता है, खाद की मांग का अनुमान हर वर्ष लगाया जाता है और डीजल की खपत का आकलन भी हर वर्ष होता है। इसके बावजूद यदि पूरे प्रदेश से एक जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो यह सरकार की प्राथमिकताओं का आईना है।"
उन्होंने कहा कि आज किसान के सामने सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि बारिश कितनी होगी, बल्कि यह है कि खाद मिलेगी या नहीं, मिलेगी तो कितनी मिलेगी और इस बार खाद लेने के लिए उसे कितना संघर्ष करना पड़ेगा।
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से वितरण व्यवस्था पर बिचौलियों और 'प्रभावशाली नेटवर्क' के दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा संरक्षित खाद माफिया की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और यदि सरकार इन दावों को गलत मानती है तो उसे जिलावार खाद भंडारण, आवंटन और वितरण का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री यादव को तत्काल विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए और साथ ही खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाना चाहिए।
पटवारी ने पत्र के जरिए देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा और कहा, "यह दुख और शर्म का विषय है कि जिस प्रदेश से देश के कृषि मंत्री हैं, उसी प्रदेश का किसान खाद जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष कर रहा है।"
उन्होंने सवाल किया कि क्या कागजी 'किसान पुत्र' शिवराज सिंह चौहान ने भी मध्यप्रदेश से मुंह मोड़ लिया है। चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
ब्रजेन्द्र रवि कांत जोहेब
जोहेब
1506 1946 भोपाल