अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम
अमित
- 15 Jun 2026, 01:54 PM
- Updated: 01:54 PM
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, 15 जून (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है। शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाने हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं :
28 फरवरी : अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए।
एक मार्च : ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें एक भारतीय भी शामिल था।
दो मार्च : कुवैत ने गलती से अमेरिका के तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया।
चार मार्च : हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी नौसेना के फ्रिगेट 'आईआरआईएस डेना' को टॉरपीडो हमले में डुबो दिया।
पांच मार्च : ईरान ने इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमलों का नया दौर शुरू किया।
छह मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से ''बिना शर्त आत्मसमर्पण'' की मांग की।
सात मार्च : ईरान ने ट्रंप की मांग ठुकरा दी।
आठ मार्च : सऊदी अरब के एक आवासीय क्षेत्र में एक प्रक्षेपास्त्र गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक भारतीय शामिल था।
नौ मार्च : अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता के उत्तराधिकारी के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला।
12 मार्च : नए सर्वोच्च नेता ने पहला सार्वजनिक बयान जारी कर हमले जारी रखने की बात कही।
13 मार्च : ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं से कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण कर सकता है।
17 मार्च : अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मारे गए।
18 मार्च : ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि साउथ पार्स गैस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं पर हमला हुआ। ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब भी मारे गए।
20 मार्च : भारत के दूतावास ने घोषणा की कि 18 मार्च की घटनाओं के कारण सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
21 मार्च : अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की।
23 मार्च : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की। ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए पांच दिन की अतिरिक्त मोहलत दी।
25 मार्च : ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव खारिज कर अपनी शर्तें पेश कीं।
26 मार्च : ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ाई।
27 मार्च : इजराइल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया।
30 मार्च : ट्रंप ने चेतावनी दी कि समझौता नहीं होने पर ईरान की ऊर्जा अवसंरचना को व्यापक नुकसान पहुंचाया जाएगा। कुवैत में ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत हुई।
31 मार्च : चीन और पाकिस्तान ने युद्ध समाप्त करने के लिए पांच सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया।
तीन अप्रैल : ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया गया।
छह अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो चार घंटे के भीतर ईरान को तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
सात अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने नई समयसीमा का पालन नहीं किया तो ''आज रात पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है।''
आठ अप्रैल : अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए।
11 अप्रैल : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान में ईरानी वार्ताकारों से ऐतिहासिक आमने-सामने की बातचीत की।
12 अप्रैल : वार्ता में शांति समझौता नहीं हो सका। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की घोषणा की।
15 अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध ''समाप्ति के करीब'' है।
16 अप्रैल : पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी नेतृत्व से मुलाकात की।
17 अप्रैल : ईरान ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है, जबकि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रखने की बात कही।
18 अप्रैल : ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने का फैसला वापस लिया।
20 अप्रैल : अमेरिका ने होर्मुज के निकट ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया।
21 अप्रैल : अमेरिकी वार्ता प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण जे डी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी गई।
22 अप्रैल : ट्रंप ने युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। ईरान ने होर्मुज में तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को कब्जे में ले लिया।
24 अप्रैल : ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंचे।
26 अप्रैल : अराघची तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे और आसिम मुनीर से मुलाकात की।
27 अप्रैल: ईरान ने नाकेबंदी हटाने और युद्ध समाप्त करने की शर्त पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की।
एक मई : ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा।
चार मई : ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को ''धरती से मिटा दिया जाएगा।''
छह मई : ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को निलंबित कर दिया।
आठ मई : अमेरिकी बलों ने होर्मुज में दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया।
10 मई : पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान ने अपना जवाब भेजा, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया।
11 मई : ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम ''गंभीर संकट'' में है।
13 मई : ओमान तट के निकट भारतीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला हुआ।
16 मई : पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे।
18 मई : ट्रंप ने कहा कि गंभीर वार्ता के चलते उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोक रखी है।
19 मई : ट्रंप ने कहा कि हमले फिर शुरू करने का फैसला लेने से वह एक घंटे दूर थे, लेकिन वार्ताकारों की अपील पर रुक गए।
20 मई : मोहिन नकवी एक सप्ताह में दूसरी बार तेहरान पहुंचे।
21 मई : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वार्ता में सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन अन्य विकल्प भी खुले हैं।
23 मई : आसिम मुनीर ने तेहरान में शीर्ष ईरानी नेताओं से मुलाकात की।
24 मई : ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर समझौता लगभग तय हो गया है।
26 मई : अमेरिकी सेना ने ईरान में मिसाइल ठिकानों पर हमले किए।
28 मई : अमेरिका ने ईरान पर एक और हमला किया।
एक जून : अमेरिका ने कहा कि ईरान द्वारा एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद उसने रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइलें दागीं।
तीन जून : ईरानी ड्रोन हमले में कुवैत हवाई अड्डे पर एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
छह जून : ईरान ने बहरीन और कुवैत की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे।
सात जून : मोहसिन नकवी अमेरिका-ईरान संवाद बहाल करने के प्रयास में तेहरान पहुंचे।
आठ जून : इजराइल और ईरान के बीच फिर हमले हुए, जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई।
नौ जून : ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी सेना का हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद जवाब देना आवश्यक है।
10 जून : अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और पलाऊ ध्वज वाले एक टैंकर को निशाना बनाया, जिसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
11 जून : अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दिन भी हमले जारी रहे। ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन पर जवाबी कार्रवाई की।
15 जून : राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता अंतिम रूप ले चुका है।
भाषा मनीषा अमित
अमित
1506 1354 वाशिंगटन/इस्लामाबाद