तृणमूल के बागी खेमे में अब लोकसभा के 22 सदस्य हैं, अध्यक्ष से मुलाकात तय: काकोली घोष दस्तीदार
राजकुमार
- 14 Jun 2026, 05:20 PM
- Updated: 05:20 PM
(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 14 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को दावा किया कि दो और सांसद बागी खेमे में शामिल होने वाले हैं, जिससे लोकसभा में इस गुट में सदस्यों की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी।
दस्तीदार ने नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और उनसे अलग गुट के रूप में मान्यता देने की गुजारिश करेंगे।
उन्होंने कहा, '' हम मुलाकात के लिए दिल्ली जा रहे हैं। हमारे साथ 22 सांसद हैं। अध्यक्ष ने हमें समय दिया है। हम सोमवार को उनसे मिलेंगे और अलग गुट के रूप में मान्यता देने की गुजारिश करेंगे।''
हालांकि दस्तीदार ने उन दो अतिरिक्त सांसदों की पहचान उजागर नहीं की और कहा कि उनके नाम औपचारिक रूप से गुट में शामिल होने के बाद सामने लाए जाएंगे।
उन्होंने कहा, '' जो लोग पिछले चार-पांच वर्षों में पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति के खिलाफ ईमानदारी से अपनी राय व्यक्त कर रहे थे, वे हमारे संपर्क में हैं। अब हमारी संख्या 22 हो गई है।''
बागी खेमे के सूत्रों के अनुसार, इस गुट की बैठक पहले कोलकाता में होने वाली थी, लेकिन वह अब दिल्ली में होगी।
एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना थी, लेकिन दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े एक सरकारी कार्यक्रम के कारण उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने की संभावना कम है।
ये दावा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल के अंदर लगातार जारी उथल-पुथल के बीच सामने आये हैं। लोकसभा में पार्टी के संसदीय दल में विभाजन इसी सप्ताह के आरंभ में स्पष्ट हो गया था, जब असंतुष्ट सांसदों ने सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग रुख अपनाया।
सोमवार को दस्तीदार ने तृणमूल के लगभग 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया था और कहा था कि यह समूह केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देगा।
संयोग से शुक्रवार को तृणमूल के 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज भी सामने आया था।
हस्ताक्षरकर्ताओं में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं।
इस दस्तावेज़ पर रचना बनर्जी और सायोनी घोष के भी हस्ताक्षर थे। सांसदों ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट को मान्यता देने की मांग की है।
हालांकि, लोकसभा सचिवालय की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि पत्र मिला है या नहीं।
'पीटीआई-भाषा' स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षरों की प्रमाणिकता या लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए कथित पत्र की पुष्टि नहीं कर सकती है।
भाषा शोभना राजकुमार
राजकुमार
1406 1720 कोलकाता