संभल हिंसा मामले में 22 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे पर उच्च न्यायालय की रोक
खारी
- 12 Jun 2026, 10:53 PM
- Updated: 10:53 PM
प्रयागराज, 12 जून (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के मामले में 22 आरोपियों के खिलाफ जारी आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
यह आपराधिक मामला 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के बाद दर्ज किया गया था। घटना के बाद एक पुलिस उपनिरीक्षक ने दंगा भड़काने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोपी सुभान और 21 अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने राज्य सरकार तथा अन्य प्रतिवादियों को अपना-अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।
आरोपियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 528 के तहत याचिका दायर कर कोतवाली थाने में दर्ज पूरे आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का अनुरोध किया है।
याचिकाकर्ताओं ने 20 फरवरी 2025 और 15 मई 2025 के उन आदेशों को भी चुनौती दी है, जिनके तहत संभल के अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ अभियोग तय किए थे।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि संज्ञान लेने और आरोप तय करने संबंधी आदेश मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर समुचित विचार किए बिना पारित किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि 24 नवंबर 2024 को उपनिरीक्षक द्वारा 21 नामजद और 800-900 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी झूठे और निराधार आरोपों पर आधारित है तथा इसका उद्देश्य याचिकाकर्ताओं को परेशान करना है।
अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं के नाम कुछ वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए, लेकिन उनकी पहचान स्थापित करने के लिए कोई ऐसा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि वे कथित अपराध में शामिल थे।
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि इसी मामले में उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ ने 13 मई 2026 को चार अन्य आरोपियों के खिलाफ जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठ जून को पारित अपने आदेश में कहा, ''प्रथम दृष्टया यह मामला विचारणीय प्रतीत होता है। अतः प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।''
इसके साथ ही अदालत ने 22 आरोपियों के खिलाफ जारी आपराधिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।
भाषा सं राजेंद्र खारी
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