नीति आयोग की बैठक में रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की मांग की
पवनेश
- 11 Jun 2026, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार से आग्रह किया कि दिल्ली को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता का स्तर अन्य राज्यों को मिलने वाले केंद्रीय आवंटन के अनुरूप बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को वित्त आयोग से करों में कोई हिस्सेदारी या अनुदान नहीं मिलता इसलिए दिल्ली को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता का स्तर अन्य राज्यों के आवंटन के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह मांग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में की।
बयान में कहा गया है कि गुप्ता ने दिल्ली की प्रगति को और तेज करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय मांगे भी रखीं।
इसके मुताबिक, 2025 से दिल्ली सरकार का 'पब्लिक अकाउंट' अलग होने के कारण, उसमें उपलब्ध शेष राशि का मिलान कर उसे जल्द जारी करने का अनुरोध किया गया।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यों में तेजी और स्पष्ट 'कमांड चेन' के लिए दिल्ली के पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से पूरी तरह अलग करने का प्रस्ताव भी रखा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा देने वाली 'भव्य योजना' के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए नई तकनीकों, सेवा क्षेत्र और प्रदूषण-मुक्त विनिर्माण उद्योगों के लिए दिल्ली को भी शामिल करने का आग्रह किया गया।
बयान के मुताबिक, इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बैठक में 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में दिल्ली की भूमिका पर अपना विजन प्रस्तुत किया।
गुप्ता ने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक या तकनीकी विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की क्षमता और उत्पादकता से होती है।
उन्होंने रेखांकित किया कि दिल्ली देश के परिवर्तन को गति देने वाला एक सशक्त इंजन बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही क्रांतिकारी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा पेश किया और बताया कि उनकी सरकार राजधानी को 'विकसित दिल्ली' बनाने के लिए लगातार गंभीर प्रयास कर रही है।
गुप्ता ने कहा कि केंद्र की सहायता से दिल्ली में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का विशाल 'रोड इंफ्रास्ट्रक्चर' तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों पर पड़ोसी राज्यों के साथ एक विशेष समन्वय टीम का गठन हो चुका है। यह टीम राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यमुना नदी के अविरल स्वरूप को वापस लौटाने और प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक सुनियोजित रूप से कार्य की शुरुआत कर चुकी है।"
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं में होने वाले 'ड्रॉपआउट' (पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर) को कम करने के लिए छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की एक बेहद प्रभावी योजना शुरू की है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार में पूरी तरह से 'ई-फाइल' और डिजिटलाइजेशन लागू हो चुका है तथा नए 'कंट्रोल एंड कमान सेंटर' स्थापित किए हैं, जबकि 'मिशन कर्मयोगी' के तहत अधिकारियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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