कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया में निष्पक्षता की मांग की
संतोष
- 08 Jun 2026, 10:02 PM
- Updated: 10:02 PM
मुंबई, आठ जून (भाषा) कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने निर्वाचन आयोग से शहर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में नहीं की जानी चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को लिखे पत्र में लोकसभा सदस्य गायकवाड़ ने कहा कि राज्य में अगले तीन से चार वर्ष तक कोई बड़ा चुनाव प्रस्तावित नहीं है, इसलिए इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में कराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, "पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और यह अभियान निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से चलाया जाना चाहिए।"
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया में कई कमियां देखी गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में इसी तरह की कवायद को लेकर भी चिंताएं जताई गई हैं।
गायकवाड़ ने कहा कि मतदाताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे उचित दस्तावेजों के साथ अपना पंजीकरण कराएं, लेकिन यदि उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो इसके कारण जानना उनका अधिकार भी है।
गायकवाड़ ने उस 'धारणा' का उल्लेख किया जिसके मुताबिक यह कवायद इस तरह से की जा रही है कि किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को राजनीतिक दलों की शिकायतों और सुझावों पर उचित विचार करना चाहिए।
गायकवाड़ ने मांग की कि मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले मतदाताओं को कम से कम सात दिन का नोटिस दिया जाए और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।
उन्होंने हर मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के एजेंटों का पंजीकरण, बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा सभी मतदाताओं का सत्यापन, गरुड़ ऐप के रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने और एसआईआर से जुड़े आंकड़ों को कम से कम पांच साल तक संरक्षित रखने की भी मांग की।
कांग्रेस सांसद ने यह भी मांग की कि निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों को संबंधित रिकॉर्ड की मशीन-पठनीय प्रतियां, अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत (एएसडी) के रूप में चिह्नित मतदाताओं की सूची और हटाए जाने के लिए प्रस्तावित मतदाताओं का विवरण 48 घंटे के भीतर सीएसवी या एक्सेल प्रारूप में उपलब्ध कराएं।
गायकवाड़ ने दावा किया कि मुंबई में 40 प्रतिशत से कम मतदाताओं की 'मैपिंग' पूरी हुई है। उन्होंने अधिकारियों से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने और आंकड़े राजनीतिक दलों के साथ साझा करने का आग्रह किया।
उन्होंने लंबित बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की तत्काल नियुक्ति और बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए-1 और बीएलए-2) को पहचान पत्र जारी करने की भी मांग की।
कांग्रेस नेता ने यह भी अनुरोध किया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि बढ़ाकर कम से कम एक महीना की जाए और मुंबई में पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित निवासियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
गायकवाड़ ने 30 जून से 29 जुलाई के बीच प्रस्तावित एसआईआर कवायद के दूसरे चरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जुलाई में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए इस कार्यक्रम को टाल दिया जाना चाहिए।
भाषा
राखी संतोष
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