मैंने सीखा कि टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता ही सबकुछ है: सुथार
मोना
- 08 Jun 2026, 05:04 PM
- Updated: 05:04 PM
(तस्वीरों के साथ )
मुल्लांपुर, आठ जून (भाषा) अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारत के खब्बू स्पिनर मानव सुथार ने कहा कि क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में निरंतरता और धैर्य ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारत की पारी और 300 रन की विशाल जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुथार को मैच में सात विकेट लेने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
सुथार ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ''सबसे महत्वपूर्ण सबक यह है कि निरंतरता ही सब कुछ है। आपको बार-बार एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होगी। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। यह एक ऐसा प्रारूप है जिसमें धैर्य की परीक्षा होती है।''
उन्होंने कहा, "मैंने यही सीखा है कि धैर्य के साथ अपनी योजनाओं पर कायम रहें और लगातार सही लाइन व लेंथ पर गेंदबाजी करते रहें।''
इस 23 साल के गेंदबाज ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए अपने सपने को सच करने जैसा है।
उन्होंने कहा, ''यह अविश्वसनीय अनुभव था। भारत के लिए और खासकर टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना मैंने बचपन से संजोया था। यह मेरे लिए बेहद खास और सपने के सच होने जैसा पल था।''
सुथार ने बताया कि गेंदबाजी से पहले बल्लेबाजी करने से उन्हें पिच के स्वभाव को समझने में मदद मिली।
उन्होंने कहा, ''जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे काफी सहज महसूस हुआ। कुछ गेंदें खेलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि पिच से स्पिनरों के लिए मदद मौजूद है।"
सुथार ने कहा, ''जब मैं गेंदबाजी करने आया और पहला ओवर डाला, तब भी मुझे वही महसूस हुआ। इसके बाद मेरा पूरा ध्यान सही लाइन, लेंथ और गति का उपयोग करने पर रहा।''
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इस जीत को पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, ''यह एक संपूर्ण जीत रही। हमने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया, इसलिए मैं बहुत खुश हूं। मौसम काफी गर्म था। हमने तय किया था कि अगर हम उन्हें लंच तक या दूसरे सत्र के पहले ड्रिंक्स ब्रेक के आसपास आउट कर देते हैं तो उन्हें फिर बल्लेबाजी के लिए बुलाएंगे।"
गिल ने कहा कि स्पिनरों के लिए यह बल्लेबाजों को फंसाने की रणनीति सीखने का अच्छा अवसर था।
उन्होंने कहा, "जब भी आप पहले बल्लेबाजी करें, लक्ष्य 350 से अधिक रन बनाने का होना चाहिए, चाहे मैच कहीं भी खेला जा रहा हो। हमारी पहली पारी में भी यही सोच थी।"
अफगानिस्तान के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने स्वीकार किया कि उनकी टीम सभी विभागों में भारत से पीछे रही। उन्होंने सुथार की अनुशासित गेंदबाजी की सराहना की।
उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए कठिन दिन और मुश्किल मैच रहा। शुरुआत से ही हमारी गेंदबाजी में अनुशासन की कमी दिखाई दी।"
शाहिदी ने कहा, "सच्चाई यह है कि इस प्रारूप में हमारे पास ज्यादा अनुभव नहीं है। हमें टेस्ट क्रिकेट खेलने के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। इस मैच से हमने बहुत कुछ सीखा है। सभी जानते हैं कि अपने घरेलू हालात में भारत को हराना बेहद कठिन है।"
सुथार की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए शाहिदी ने कहा, "उन्होंने बेहद शानदार गेंदबाजी की। वह लगातार विकेटों के पास गेंद डालते रहे और पूरे मैच में अनुशासित रहे। हमारे बल्लेबाज उनके सामने संघर्ष करते नजर आए।"
भाष आनन्द मोना
मोना
0806 1704 मुल्लांपुर