लद्दाख में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन पुनर्निर्धारण सुधारों को उपराज्यपाल सक्सेना की मंजूरी
नरेश
- 17 May 2026, 05:14 PM
- Updated: 05:14 PM
लेह/जम्मू, 17 मई (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम के तहत केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक, सीमित अवधि के लिए काम करने वाले तथा आवश्यकता आधारित कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि अब इन कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन के बजाय 575 रुपये प्रतिदिन तक वेतन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो विभिन्न विभागों में सेवाएं देने के बावजूद कई वर्षों से 300 रुपये से 500 रुपये प्रतिदिन तक वेतन पा रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल ने 17 मार्च, 2015 के बाद नियुक्त पात्र कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत वेतन लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अभिलेखों का उचित सत्यापन किया जाएगा।
नई वेतन संरचना के तहत कर्मचारियों को कुशल और अकुशल श्रेणियों में बांटा जाएगा। कुशल कर्मचारियों को 575 रुपये प्रतिदिन, जबकि अकुशल कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संशोधित वेतन ड्यूटी के घंटों और कार्य की प्रकृति के आधार पर आनुपातिक रूप से तय किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह सुधार विभिन्न विभागों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की ओर से न्यूनतम मजदूरी लागू करने और वेतन असमानता दूर करने की मांग के बाद किया गया है।
मामले का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को 17 मार्च, 2015 के बाद नियुक्त कर्मचारियों का व्यापक सत्यापन करने तथा पारदर्शी और समान वेतन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सक्सेना ने कहा, "केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन सभी कर्मचारियों को न्यायसंगत और सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दैनिक वेतनभोगी, सीमित अवधि के लिए काम करने वाले और अंशकालिक कर्मचारी विशेष रूप से दूरदराज और कठिन क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को उसके श्रम का उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए और प्रशासन पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कल्याणकारी उपाय सुनिश्चित करेगा।
उपराज्यपाल ने विभागों को सभी कर्मचारियों के नियुक्ति विवरण, कार्य की प्रकृति, कार्य अवधि और आधार से जुड़े बैंक खातों का सत्यापन कर 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
भाषा योगेश नरेश
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