नीट मुद्दे का राजनीतिकरण न करें राहुल गांधी, सरकार ने तेजी से कार्रवाई की : भाजपा
प्रशांत
- 16 May 2026, 11:35 PM
- Updated: 11:35 PM
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) भाजपा ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 मुद्दे पर सरकार की आलोचना करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों को 'बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं असंवेदनशील' करार दिया तथा उनसे इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने का आह्वान किया।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख ने गांधी पर निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने और 'दुखद स्थिति' का फायदा उठाकर अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने एक बयान में कहा, "नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवेदनशील और राजनीति से प्रेरित है। उन्हें भ्रम की राजनीति छोड़ देनी चाहिए और पहले आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।"
उन्होंने पूछा, "राहुल गांधी कब तक खोखले आरोप लगाने और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे?"
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित अनियमितता से जुड़े मामले को लेकर शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करें या खुद जवाबदेही स्वीकार करें।
राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विभिन्न संस्थाओं में बैठे इनसे जुड़े लोगों के बीच ''पैसे बनाने के लिए की गई साठगांठ'' का मामला है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 'भाजपा-आरएसएस साठगांठ' ने देश की शिक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया है।
मयूख ने गांधी पर आरोप लगाया कि जब देश के लाखों मेधावी विद्यार्थियों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य के प्रति संवेदनशील होने का समय है, तब वह ओछी राजनीति में लिप्त हैं।
उन्होंने कहा, ''यह दुखद स्थिति का फायदा उठाकर अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने का समय नहीं है।''
उन्होंने कहा कि दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपनी पार्टी के शासनकाल में हुए असंख्य प्रश्नपत्र लीक एवं परीक्षा घोटालों के बारे में देश को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग के शासनकाल में एआईपीएमटी प्रश्नपत्र लीक, एसएससी घोटाला, सीबीएसई प्रश्नपत्र लीक हुए।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार ने तत्काल इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत सुधारात्मक और दंडात्मक उपाय किए हैं।
भंडारी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि अनियमितताओं की जानकारी के बाद सरकार ने तुरंत परीक्षा रद्द कर दी और छात्रों पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले बिना 21 जून को पुन: परीक्षा की घोषणा की।
उन्होंने कहा, ''राहुल गांधी राजनीतिकरण करना बंद करें। कांग्रेस ने एक बार फिर 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में राजनीति को चुना है।''
भंडारी ने कहा, ''दूसरों को उपदेश देने से पहले, कांग्रेस को प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा घोटालों के अपने भयावह रिकॉर्ड का जवाब देना होगा।''
उन्होंने एआईपीएमटी लीक, एसएससी घोटाले, सीबीएसई प्रश्नपत्र लीक समेत कांग्रेस शासित राज्यों में कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं सहित पिछली घटनाओं का जिक्र किया।
भाषा राजकुमार प्रशांत
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