नीट प्रश्नपत्र लीक: अदालत ने कुलकर्णी व वाघमारे को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा
दिलीप
- 16 May 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कथित सरगना प्रहलाद विट्ठलराव कुलकर्णी और एक अन्य आरोपी मनीषा संजय वाघमारे को शनिवार को 10 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया। अदालत ने यह माना कि पूरी साजिश का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ आवश्यक है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की प्रश्न पत्र सेट करने की समिति की सदस्य जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मंधारे को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के बाद शनिवार को यहां गिरफ्तार कर लिया गया।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के इस अनुरोध पर कुलकर्णी और वाघमारे को सीबीआई हिरासत में भेज दिया कि आगे की जांच के लिए दोनों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ले जाने की आवश्यकता है और बड़ी साजिश की पड़ताल की जानी है।
मामले की फाइल के अनुसार, अदालत ने कहा कि आरोपी वाघमारे ने एनटीए से जुड़े एक लोक सेवक और अन्य लोगों के साथ मिलकर नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त करने की साजिश रची, जिसके बाद उसने इसे धनंजय लोखंडे जैसे कुछ आरोपियों सहित कई लोगों को आर्थिक लाभ के लिए प्रदान किया।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तीन मई को परीक्षा आयोजित होने के बाद उसने लीक हुए प्रश्न पत्र को भी नष्ट कर दिया था।
कुलकर्णी की भूमिका के संबंध में अदालत ने गौर किया कि उसने वाघमारे और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर "चुनिंदा छात्रों" को "परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री" उपलब्ध कराई, जिसके लिए आरोपी "विषय विशेषज्ञ" को "काफी बड़ी रकम" मिली।
अदालत ने कहा कि बाद में उसने भी सामग्री को नष्ट कर दिया और सबूतों को गायब कर दिया तथा गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों ने "लीक हुए पेपर के प्रसार में शामिल सभी लोगों" के नाम नहीं बताए।
अदालत ने एजेंसी द्वारा बताए गए कई आधार के मद्देनजर सीबीआई को आरोपियों की 10 दिन की हिरासत की अनुमति दी। इन आधारों में एक बड़ी साजिश, आरोपियों को जांच के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाने की आवश्यकता और जांच अभी प्रारंभिक चरण में होने की बात भी शामिल है।
अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत में पूछताछ के अन्य कारणों का भी उल्लेख किया, जिसमें पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करना, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन सहित सभी संबंधित आपत्तिजनक सामग्रियों की बरामदगी करना तथा गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों द्वारा सबूतों को और नष्ट किए जाने से रोकना शामिल हैं।
अदालत ने कुलकर्णी के वकील की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने हिरासत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि एनटीए से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है और एनटीए ने प्रश्न पत्र तैयार करने का कार्य अलग-अलग व्यक्तियों को सौंपा था और बाद में उनसे प्रश्नों के उनके संबंधित सेट एकत्र किए थे, लेकिन नियुक्त किए गए किसी भी व्यक्ति को यह नहीं पता था कि उनके द्वारा दिए गए प्रश्न मूल प्रश्न पत्र का हिस्सा बनेंगे या नहीं।
सीबीआई के अनुसार, कुलकर्णी एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल रसायन विज्ञान का व्याख्याता था और उसकी प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी।
सीबीआई ने इससे पहले कहा था कि इस साल अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने वाघमारे की मदद से विद्यार्थियों को जुटाया था और पुणे में अपने आवास पर उनके लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की थीं।
ब्यूरो ने आरोप लगाया था, ''उसने इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान प्रश्नों के साथ-साथ विकल्प और सही उत्तर भी लिखवाए थे। इस प्रकार लिखवाए गए प्रश्न विद्यार्थियों ने अपनी नोटबुक में हाथ से लिखे थे और तीन मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से बिल्कुल मेल खाते हैं।''
पुणे निवासी वाघमारे को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर राष्ट्रीय राजधानी लाया गया था।
इससे पहले शुक्रवार को अदालत ने आरोपी धनंजय लोखंडे को छह दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तथा गुरुग्राम के यश यादव को 20 मई तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया था।
मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा को मंगलवार को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया।
सरकार ने सीबीआई को 'अनियमितताओं' की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया था।
भाषा
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