भारत की आकांक्षाएं अब 'सीमाओं तक सीमित नहीं हैं': मोदी ने नीदरलैंड में प्रवासी भारतीयों से कहा
प्रशांत
- 16 May 2026, 07:51 PM
- Updated: 07:51 PM
(तस्वीरों के साथ)
हेग, 16 मई (भाषा) भारत को ''अवसरों की भूमि'' बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर रहा है और इसकी आकांक्षाएं "अब इसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं"।
नीदरलैंड के हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत बड़े सपने देख रहा है और उसके युवा आसमान छूने की आकांक्षा रखते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने 40 मिनट से अधिक के संबोधन में कहा, "21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है। भारत प्रौद्योगिकी और मानवता दोनों से प्रेरित है। भारत जितना प्राचीन है, उतना ही आधुनिक भी हो रहा है। इसलिए, यह भारत में अपने पैतृक गांवों से जुड़ने और विकसित भारत की यात्रा में भागीदार बनने का भी सही समय है।"
उन्होंने नीदरलैंड में "भारत के सभी मित्रों" से भारत के साथ सहयोग को यथासंभव बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने श्रोताओं की तालियों के बीच कहा, ''इससे भारत की क्षमता में भी वृद्धि होगी और आपके निवेश पर प्रतिफल भी अधिक होगा। यह मोदी की गारंटी है।''
मोदी ने कहा, ''आज हमारा भारत बड़े सपने देख रहा है। आज भारत कह रहा है कि हमें केवल परिवर्तन ही नहीं चाहिए, हमें सर्वश्रेष्ठ चाहिए, हमें सबसे तेज गति चाहिए। इसीलिए जब भारत में असीमित आकांक्षाएं हैं, तो प्रयास भी असीमित होते जा रहे हैं।''
उन्होंने भारत के स्टार्टअप परिवेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप नेटवर्क है।
उन्होंने कहा, "आज भारत की आकांक्षाएं अब इसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। भारत ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में अग्रणी बनना चाहता है और विश्व का विकास इंजन बनना चाहता है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज का भारत अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आपने हाल ही में देखा होगा कि भारत ने विश्व के सबसे बड़े और सबसे सफल एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इससे पहले, भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन की भी सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। यह कोई एक बार की घटना नहीं थी, अब यह आज के भारत का स्वरूप बन गया है।"
भारत के अंतरिक्ष मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भारत चंद्रमा के उस हिस्से तक पहुंचा जहां पहले कोई नहीं पहुंच सका था।"
भारत ने 2023 में इतिहास रच दिया जब उसके चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा के सुदूर भाग पर सफलतापूर्वक 'सॉफ्ट लैंडिंग' की।
यह याद दिलाते हुए कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) कंपनियां थीं, मोदी ने कहा कि अब भारत में लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां हैं।
उन्होंने कहा, "आज हमारे स्टार्टअप एआई, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। अनुसंधान और नवाचार की यह संस्कृति और भी व्यापक होती जा रही है।"
हाल ही में कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की आकांक्षा-प्रेरित यात्रा उसके लोकतंत्र को भी मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा, "इस बार पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में लगभग 80-90 प्रतिशत मतदान हुआ। महिलाओं की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह रुझान हर राज्य में दिखाई दे रहा है। आज भारत में मतदाता उत्साहित हैं। हमें गर्व है कि हर साल मतदान के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।''
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत प्रत्येक नागरिक की लोकतांत्रिक भागीदारी को महत्व देता है। भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताते हुए मोदी ने कहा कि यह ''हम सभी के लिए अत्यंत गर्व की बात है।''
मोदी ने विपक्षी दलों पर भी कटाक्ष करते हुए लोगों से पूछा कि क्या लोकप्रिय नाश्ता झालमुड़ी हेग भी पहुंच गया है।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पहले प्रचार के दौरान, मोदी को एक स्थानीय दुकान पर झालमुड़ी का आनंद लेते हुए देखा गया था। बाद में उनकी पार्टी भाजपा ने राज्य में भारी बहुमत से चुनाव जीता।
मोदी ने कहा कि नीदरलैंड भारतीय व्यवसायों के लिए यूरोप में प्रवेश करने का ''स्वाभाविक प्रवेश द्वार'' बनेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी इस यात्रा में एक विश्वसनीय सेतु के रूप में काम कर सकते हैं।
कोविड महामारी और वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दशक दुनिया के लिए चुनौतियों का दशक बनता जा रहा है।
उन्होंने चेताया, ''अगर इन परिस्थितियों में तेजी से बदलाव नहीं आया तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो जाएंगी। विश्व की अधिकांश आबादी एक बार फिर गरीबी के दलदल में फंस जाएगी।''
मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड एक विश्वसनीय, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार आपूर्ति शृंखला बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जल संरक्षण तक, नीदरलैंड और भारत मिलकर काम कर रहे हैं। हरित हाइड्रोजन पर हमारा सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और नीदरलैंड के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगा।''
नीदरलैंड के ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध होने की बात को रेखांकित करते हुए, मोदी ने कहा कि भारत कमल के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा, ''ट्यूलिप और कमल दोनों हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती में, दोनों को सुंदरता और शक्ति प्राप्त होती हैं।''
मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड अंतरराष्ट्रीय मंच पर समन्वय स्थापित कर सकते हैं और वैश्विक परियोजनाओं को हासिल करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ कई सभ्यताएं मिट गईं, लेकिन भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति आज भी यहां के लोगों के दिलों में बसी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''पीढ़ियां बदल गईं, देश बदल गए, वातावरण बदल गया... लेकिन पारिवारिक मूल्य नहीं बदले हैं।''
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को आश्वासन दिया कि भारत सरकार विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
नीदरलैंड पहुंचने पर मोदी का वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय ने गर्मजोशी और रंगारंग स्वागत किया।
मोदी ने कहा, ''इस हार्दिक स्वागत के लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं। और जब मैं यहां प्रवेश कर रहा था, तो पूरा महाराष्ट्र, छत्रपति शिवाजी महाराज, मेरा प्रिय राजस्थान और असम... सब मेरे सामने थे।''
मोदी ने कहा कि कुछ पल के लिए तो वह यह भूल ही गये थे कि वह नीदरलैंड में हैं, और ''ऐसा लग रहा है जैसे भारत में कहीं कोई त्योहार का माहौल हो।''
मोदी ने 16 मई के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रवासी भारतीयों को बताया कि कैसे उनकी पार्टी ने 12 साल पहले इसी तारीख को भारत में आम चुनाव जीते थे।
मोदी ने कहा कि बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। उन्होंने कहा, ''जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुख्यमंत्री के रूप में 13 साल, प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल, लोकतांत्रिक दुनिया में 25 वर्षों तक लाखों-करोड़ों मतदाताओं का निरंतर समर्थन मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है।''
व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उद्देश्य से मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे।
भाषा
शफीक प्रशांत
प्रशांत
1605 1951 हेग